नक्तोषासा सुपेशसाऽस्मिन्यज्ञ उप ह्वये। इदं नो बर्हिरासदे॥
ऋग्वेद में उषासानक्ता के 2 संदर्भ मिले
नक्तोषासा सुपेशसाऽस्मिन्यज्ञ उप ह्वये। इदं नो बर्हिरासदे॥
आ भन्दमाने उपाके नक्तोषासा सुपेशसा। यह्वी ऋतस्य मातरा सीदतां बर्हिरा सुमत् ॥
यजुर्वेद में उषासानक्ता के 1 संदर्भ मिले
उ॒षासा॒नक्ता॑ बृह॒ती बृ॒हन्तं॒ पय॑स्वती सु॒दुघे॒ शूर॒मिन्द्र॑म्। तन्तुं॑ त॒तं पेश॑सा सं॒वय॑न्ती दे॒वानां॑ दे॒वं य॑जतः सुरु॒क्मे ॥४१ ॥
अथर्ववेद में उषासानक्ता के 1 संदर्भ मिले
पातां नो देवाश्विना शुभस्पती उषासानक्तोत न उरुष्यताम्। अपां नपादभिह्रुती गयस्य चिद्देव त्वष्टर्वर्धय सर्वतातये ॥