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पु॒ना॒नास॑श्चमू॒षदो॒ गच्छ॑न्तो वा॒युम॒श्विना॑ । ते नो॑ धान्तु सु॒वीर्य॑म् ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

punānāsaś camūṣado gacchanto vāyum aśvinā | te no dhāntu suvīryam ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

पु॒ना॒नासः॑ । च॒मू॒ऽसदः॑ । गच्छ॑न्तः । वा॒युम् । अ॒श्विना॑ । ते । नः॒ । धा॒न्तु॒ । सु॒ऽवीर्य॑म् ॥ ९.८.२

ऋग्वेद » मण्डल:9» सूक्त:8» मन्त्र:2 | अष्टक:6» अध्याय:7» वर्ग:30» मन्त्र:2 | मण्डल:9» अनुवाक:1» मन्त्र:2


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आर्यमुनि

पदार्थान्वयभाषाः - (पुनानासः) सबको पवित्र करनेवाला परमात्मा (चमूषदः) जो प्रत्येक सैनिक बल में रहता है (अश्विना) प्रत्येक कर्मयोगी और ज्ञानयोगी को तथा (वायुम्) गतिशील विद्वान् को (गच्छन्तः) जो प्राप्त है (ते) वह परमात्मा (नः) हमको (सुवीर्यम्) सुन्दर बल (धान्तु) धारण कराये ॥२॥
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हरिशरण सिद्धान्तालंकार

क्रियाशील व प्राणसाधक को सोमकणों की प्राप्ति

पदार्थान्वयभाषाः - [१] (वायुम्) = गतिशील पुरुष को तथा (अश्विना) = प्राणापान की साधना करनेवाले पुरुष को (गच्छन्तः) = प्राप्त होते हुए (चमूषदः) = इस शरीर रूप चमस [पात्र] में ही स्थित होनेवाले सोमकण (पुनानासः) = हमारे जीवनों को पवित्र करते हैं। सोमकणों के रक्षण के लिये दो साधन हैं— [क] क्रिया में लगे रहना, [ख] प्राणापान की साधना करना, प्राणायाम का अभ्यासी बनना । रक्षित सोम हमारे जीवन को पवित्र बनाता है, आधि-व्याधियों से शून्य करता है । [२] (ते) = वे सोमकण (न:) = हमारे लिये (सुवीर्यम्) = उत्तम पराक्रम को (धान्तु) = धारण करें।
भावार्थभाषाः - भावार्थ - शरीर में सुरक्षित सोमकण रोगकृमियों को कम्पित करके दूर करनेवाले होते हैं ।
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आर्यमुनि

पदार्थान्वयभाषाः - (पुनानासः) सर्वजनं पुनानः परमात्मा (चमूषदः) प्रतिसैनिकबलं विद्यमानः (अश्विना) प्रत्येकं कर्मयोगिनं ज्ञानयोगिनं च तथा (वायुम्) गमनशीलं विद्वांसं च (गच्छन्तः) प्राप्नुवन् (ते) स ईश्वरः (नः) अस्माकम् (सुवीर्यम्) सुतेजः (धान्तु) धारयतु ॥२॥
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डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - The same soma streams of life distilled from nature, contained in deep reservoirs, vibrating in human veins and nerves, marshalling in social forces energise and motivate the vibrant scholar and the pursuers of jnana-yoga and karma-yoga in knowledge and action. May they bring us the lustre and vitality of creative splendour and graces of culture, sanctifying as they are.