पव॑मानः सु॒तो नृभि॒: सोमो॒ वाज॑मिवासरत् । च॒मूषु॒ शक्म॑ना॒सद॑म् ॥
अंग्रेज़ी लिप्यंतरण
मन्त्र उच्चारण
pavamānaḥ suto nṛbhiḥ somo vājam ivāsarat | camūṣu śakmanāsadam ||
पद पाठ
पव॑मानः । सु॒तह् । नृऽभिः॑ । सोमः॑ । वाज॑म्ऽइव । अ॒स॒र्चत् । च॒मूषु॑ । शक्म॑ना । आ॒ऽसद॑म् ॥ ९.६२.१६
ऋग्वेद » मण्डल:9» सूक्त:62» मन्त्र:16
| अष्टक:7» अध्याय:1» वर्ग:27» मन्त्र:1
| मण्डल:9» अनुवाक:3» मन्त्र:16
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आर्यमुनि
पदार्थान्वयभाषाः - (नृभिः सुतः) विदुषी प्रजाओं द्वारा अभिषिक्त (सोमः) सौम्य सेनाधीश (पवमानः) सबको पवित्र करता हुआ (चमूषु) सेनाओं में (शक्मना) अपने पराक्रम से (आसदम्) अपने शत्रु को अभिगमन करने के लिये (वाजम् इव) विद्युदादि अद्भुत शक्ति के समान (असरत्) गमन करता है ॥१६॥
भावार्थभाषाः - सोम यहाँ सेनाधीश का नाम है, क्योंकि सेनाधीश को भी धीरता के लिये सौम्य स्वभाव की आवश्यकता है, इसलिये उसे सोमरूप से वर्णन किया है ॥१६॥
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हरिशरण सिद्धान्तालंकार
चमूषु शक्मनासदम्
पदार्थान्वयभाषाः - [१] (पवमानः सोमः) = जीवनों को पवित्र करनेवाला यह सोम (नृभिः) = उन्नतिपथ पर आगे बढ़नेवालों से (सुतः) = पैदा किया हुआ (वाजं इव) = मानो संग्राम में ही (असरत्) = गतिवाला होता है । शरीर में यह रोगकृमियों के संहार के लिये प्रवृत्त होता है, तो मन में यह वासनाओं के विनष्ट करनेवाला होता है । [२] यह सोम (चमूषु) = इन शरीर रूप पात्रों में (शक्मना) = शक्ति के साथ (आसदम्) = आसीन होने के लिये होता है। सुरक्षित हुए हुए सोम से ही अंग-प्रत्यंग में शक्ति का संचार होता है।
भावार्थभाषाः - भावार्थ - यह सोम ही शरीर में रोगकृमियों व वासनाओं को संग्राम में पराजित करता है। सोमरक्षणवाला पुरुष रोगों व वासनाओं से आक्रान्त नहीं होता । यही शरीर रूप पात्र में शक्ति को भरनेवाला होता है।
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आर्यमुनि
पदार्थान्वयभाषाः - (नृभिः सुतः) विद्वद्भिः प्रजाभिरभिषिक्तः (सोमः) सौम्यगुणपूर्णः सेनापतिः (पवमानः) समस्तजनान् पवित्रयन् (चमूषु) सेनासु (शक्मना) स्वपराक्रमेण (आसदम्) स्वशत्रोरभिमुखं गन्तुं (वाजम् इव) विद्युदादिशक्तिरिव (असरत्) गच्छति ॥१६॥
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डॉ. तुलसी राम
पदार्थान्वयभाषाः - Soma, the spirit and person of peace and joy, pure and purifying, selected and anointed by leading lights of the people, should move and act like power and competence incarnate in places and positions with his powers and obligations for the purpose specified.
