परि॑ष्कृतास॒ इन्द॑वो॒ योषे॑व॒ पित्र्या॑वती । वा॒युं सोमा॑ असृक्षत ॥
अंग्रेज़ी लिप्यंतरण
मन्त्र उच्चारण
pariṣkṛtāsa indavo yoṣeva pitryāvatī | vāyuṁ somā asṛkṣata ||
पद पाठ
परि॑ऽकृतासः । इन्द॑वः । योषा॑ऽइव । पित्र्य॑ऽवती । वा॒युम् । सोमाः॑ । अ॒सृ॒क्ष॒त॒ ॥ ९.४६.२
ऋग्वेद » मण्डल:9» सूक्त:46» मन्त्र:2
| अष्टक:7» अध्याय:1» वर्ग:3» मन्त्र:2
| मण्डल:9» अनुवाक:2» मन्त्र:2
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आर्यमुनि
पदार्थान्वयभाषाः - (पित्र्यावती योषेव) पितावाली कन्या के समान (परिष्कृतासः) ब्रह्मविद्या से अलंकृत होने से (इन्दवः) परम ऐश्वर्यसम्पन्न होकर (सोमाः) वे विद्वान् लोग (वायुम्) सूक्ष्मभाव को प्राप्त हुए पदार्थों को (असृक्षत) सिद्ध करते हैं ॥२॥
भावार्थभाषाः - कर्म्मयोगी पुरुष उक्त पदार्थों से अति सूक्ष्मभाव निकालकर प्रजाओं में प्रचार करते हैं, इसलिये प्रत्येक पुरुष को चाहिये कि वह कर्म्मयोगी विद्वानों का सत्कार करे, ताकि विज्ञान की वृद्धि होकर प्रजाओं में सुख का संचार हो ॥२॥
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हरिशरण सिद्धान्तालंकार
परिस्कृत सोम
पदार्थान्वयभाषाः - [१] (परिष्कृतासः) = ' ज्ञान व ब्रह्मचर्य' आदि से परिष्कृत हुए हुए (इन्दवः) = हमें शक्तिशाली बनानेवाले (सोमाः) = सोमकण (वायुम्) = [ वा गतिगन्धनयोः] गति के द्वारा सब बुराइयों का संहार करनेवाले प्रभु के प्रति (असृक्षत) = गतिवाले होते हैं। ये सोमकण हमें प्रभु के प्रति ले चलते हैं [२] ये सोमकण हमें इस प्रकार प्रभु की ओर ले चलते हैं, (इव) = जैसे कि (पित्र्यावती) = उत्तम माता-पितावाली (योषा) = एक युवति वर के प्रति जाती है। जीव पत्नी है, प्रभु पति । इस पति-पत्नी सम्बन्ध को स्थिर रखनेवाला यह सोम है। शरीर में जब तक सोम का रक्षण रहता है तब तक जीव प्रभु का भक्त व उपासक बना रहता है।
भावार्थभाषाः - भावार्थ- परिष्कृत सोम हमें प्रभु की ओर ले चलते हैं ।
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आर्यमुनि
पदार्थान्वयभाषाः - (पित्र्यावती योषेव) पितृमती कन्यकेव (परिष्कृतासः) ब्रह्मविद्ययालङ्कृताः (इन्दवः) परमैश्वर्यसम्पन्नाः (सोमाः) ते विद्वांसः (वायुम्) सूक्ष्मभावमापन्नान् पदार्थान् (असृक्षत) साधयन्ति ॥२॥
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डॉ. तुलसी राम
पदार्थान्वयभाषाः - Initiated, cultured and sanctified like the sacred maiden of her holy parents, these brilliant veterans of knowledge, action and joyous character, having mastered subtle subjects and divined into the mysteries of life, create and release streams of soma joy for the life around.
