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त्वं राजे॑व सुव्र॒तो गिर॑: सो॒मा वि॑वेशिथ । पु॒ना॒नो व॑ह्ने अद्भुत ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

tvaṁ rājeva suvrato giraḥ somā viveśitha | punāno vahne adbhuta ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

त्वम् । राजा॑ऽइव । सु॒ऽव्र॒तः । गिरः॑ । सो॒म॒ । आ । वि॒वे॒शि॒थ॒ । पु॒ना॒नः । व॒ह्ने॒ । अ॒द्भु॒त॒ ॥ ९.२०.५

ऋग्वेद » मण्डल:9» सूक्त:20» मन्त्र:5 | अष्टक:6» अध्याय:8» वर्ग:10» मन्त्र:5 | मण्डल:9» अनुवाक:1» मन्त्र:5


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आर्यमुनि

पदार्थान्वयभाषाः - (सोम) हे परमात्मन् ! (त्वम् राजा इव) आप राजा की तरह (सुव्रतः) सुकर्मी हैं और (गिरः आविवेशिथ) वेदवाणियों में प्रविष्ट हैं (पुनानः) सबको पवित्र करनेवाले हैं और (वह्ने) हे सबके प्रेरक ! आप (अद्भुत) नित्य नूतन हैं ॥५॥
भावार्थभाषाः - परमात्मा सब नियमों का नियन्ता है। नियम पालने की शक्ति मनुष्यों में उसी की कृपा से आती है ॥५॥
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हरिशरण सिद्धान्तालंकार

'सुव्रत' सोम

पदार्थान्वयभाषाः - [१] हे (सोम) = वीर्यशक्ते ! (त्वम्) = तू (पुनानः) = हमारे जीवनों को पवित्र करता हुआ (राजा इव) = राजा की तरह (सुव्रतः) = उत्तम व्रतों व कर्मोंवाला होता है । अपनी इन्द्रियों पर शासन करनेवाला व्यक्ति 'राजा' है । सोमरक्षण के होने पर हमारे सब कर्म शोभन होते हैं। उसी प्रकार शोभन होते हैं, जैसे कि एक राजा के जितेन्द्रिय पुरुष के कर्म शोभन होते हैं, [२] हे (वह्ने) = हमारे लिये सब उत्तमताओं को प्राप्त करानेवाले अद्भुत अनुपम शक्तिवाले सोम ! तू (गिरः) = ज्ञान की वाणियों को (आविवेशिथ) = हमारे में प्रविष्ट करा । अर्थात् हमारी बुद्धियों को तीव्र बनाकर हमें ज्ञान को प्राप्त करा ।
भावार्थभाषाः - भावार्थ- सोमरक्षण के परिणामस्वरूप हमारे कर्म पवित्र हों, हमें ज्ञान की वाणियाँ प्राप्त हों ।
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आर्यमुनि

पदार्थान्वयभाषाः - (सोम) हे परमात्मन् ! (त्वम् राजा इव) भवान् राजा इव (सुव्रतः) सुकर्माऽस्ति तथा (गिरः आविवेशिथ) वेदवाक्षु प्रविष्टोऽस्ति (पुनानः) सर्वस्य पावयितास्ति (वह्ने) हे सर्वस्य प्रेरक ! भवान् (अद्भुत) नित्यनवोऽस्ति ॥५॥
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डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - O Soma, you are like a ruler sustainer of the holy laws of existence. You are present in the hymns of the Veda and you inspire the songs of celebrants. Pure and purifying, O wielder and sustainer of the universe, you are wondrous great and sublime, the like of which never was and never shall be, rival there is none.