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स सु॑न्वे॒ यो वसू॑नां॒ यो रा॒यामा॑ने॒ता य इळा॑नाम् । सोमो॒ यः सु॑क्षिती॒नाम् ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

sa sunve yo vasūnāṁ yo rāyām ānetā ya iḻānām | somo yaḥ sukṣitīnām ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

सः । सु॒न्वे॒ । यः । वसू॑नाम् । यः । रा॒याम् । आ॒ऽने॒ता । यः । इळा॑नाम् । सोमः॑ । यः । सु॒ऽक्षि॒ती॒नाम् ॥ ९.१०८.१३

ऋग्वेद » मण्डल:9» सूक्त:108» मन्त्र:13 | अष्टक:7» अध्याय:5» वर्ग:19» मन्त्र:3 | मण्डल:9» अनुवाक:7» मन्त्र:13


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आर्यमुनि

पदार्थान्वयभाषाः - (सः) वह परमात्मा (यः) जो (सुन्वे) सब संसार को उत्पन्न करता (यः) जो (सोमः) सर्वोत्पादक (वसूनाम्) सब धनों (रायाम्) ऐश्वर्य्यों का (आनेता) प्रेरक और (यः) जो (इळानां, सुक्षितीनाम्) सम्पूर्ण लोक-लोकान्तरों का अधिष्ठाता है, वह हमारे ज्ञान का विषय हो ॥१३॥
भावार्थभाषाः - सब पदार्थों का अधिष्ठाता परमात्मा है अर्थात् परमात्मा सब पदार्थों का आधार और सब पदार्थ आधेय हैं। हे भगवन् ! आप हमारे ऊपर ज्ञान की वृष्टि करें, जिस से कि हम लोग आपकी समीपता को प्राप्त होकर आनन्द का उपभोग कर सकें ॥१३॥
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हरिशरण सिद्धान्तालंकार

'वसूनां, रायां, इडानां, सुक्षितीनां' आनेता

पदार्थान्वयभाषाः - (सः) = वह सोम (सुन्वे) = हमारे लिये उत्पन्न किया जाता है (यः) = जो (वसूनाम्) = निवास के लिये सब आवश्यक तत्त्वों का आनेता प्राप्त करानेवाला है । (यः) = जो (रायाम्) = सब ऐश्वर्यों का [आनेताः] प्राप्त करानेवाला है, और (यः) = जो (इडानाम्) = वेद वाणियों को ज्ञान की वाणियों का प्रापक है। वह (सोमः) = सोम उत्पन्न किया जाता है (यः) = जो (सुक्षितीनाम्) = उत्तम निवासों का कारण बनता है। शरीर में हमारा निवास इस सोम के कारण ही ठीक होता है ।
भावार्थभाषाः - भावार्थ- सुरक्षित सोम वसुओं को ऐश्वर्यों को, ज्ञान की वाणियों को तथा उत्तम निवासों को प्राप्त कराता है ।
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आर्यमुनि

पदार्थान्वयभाषाः - (सः) स परमात्मा (सुन्वे) सर्वसंसारमुत्पादयति (यः) यश्च (सोमः) सर्वोत्पादकः (यः) यः (वसूनाम्) धनानां (रायाम्) ऐश्वर्याणां च (आनेता) प्रेरकः (यः) यश्च (इळानाम्, सुक्षितीनाम्) सर्वेषां लोकानां चाधिष्ठातास्ति स मम ज्ञानविषयो भवतु ॥१३॥
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डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - That Soma which is the generator, harbinger and ruler guide of all forms of wealth, honour and excellence, lands, knowledge and awareness, and of happy homes is thus realised in its divine manifestation.