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ए॒तमु॒ त्यं म॑द॒च्युतं॑ स॒हस्र॑धारं वृष॒भं दिवो॑ दुहुः । विश्वा॒ वसू॑नि॒ बिभ्र॑तम् ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

etam u tyam madacyutaṁ sahasradhāraṁ vṛṣabhaṁ divo duhuḥ | viśvā vasūni bibhratam ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

ए॒तम् । ऊँ॒ इति॑ । त्यम् । म॒द॒ऽच्युत॑म् । स॒हस्र॑ऽधारम् । वृ॒ष॒भम् । दिवः॑ । दु॒हुः॒ । विश्वा॑ । वसू॑नि । बिभ्र॑तम् ॥ ९.१०८.११

ऋग्वेद » मण्डल:9» सूक्त:108» मन्त्र:11 | अष्टक:7» अध्याय:5» वर्ग:19» मन्त्र:1 | मण्डल:9» अनुवाक:7» मन्त्र:11


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आर्यमुनि

पदार्थान्वयभाषाः - (त्यमेतमु) उस उक्त परमात्मा को (मदच्युतम्) जो आनन्द से भरपूर (सहस्रधारम्) अनन्त शक्तियोंवाला (दिवो वृषभम्) द्युलोक से आनन्द की वृष्टि करनेवाला (विश्वा वसूनि) और जो सब ऐश्वर्य्यों के (बिभ्रतम्) धारण करनेवाला है, उसको (दुहुः) ज्ञानवृत्तियों से परिपूर्ण करते हैं ॥११॥
भावार्थभाषाः - ज्ञानवृत्तियें परमात्मा का साक्षात्कार इस प्रकार करती हैं कि आवरण भङ्ग करके सर्वव्यापक को अभिव्यक्त करती हैं, इसी का नाम वृत्तिव्याप्ति है ॥११॥
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हरिशरण सिद्धान्तालंकार

विश्वा वसूनि बिभ्रतम्

पदार्थान्वयभाषाः - (एतम्) = इस (उ) = निश्चय से (त्यम्) = उस सोम को (दिवः) = स्वाध्याय द्वारा ज्ञान ज्योति से दीप्त होनेवाले पुरुष (दुहुः) = अपने अन्दर प्रपूरित करते हैं, जो (मदच्युतम्) = आनन्द को प्राप्त करानेवाला है, (सहस्त्रधारम्) = अनेक प्रकार से धारण करनेवाला है, (वृषभम्) = शक्ति का आसेचन करता है । स्वाध्याय द्वारा सुरक्षित यह सोम (विश्वा वसूनि बिभ्रतम्) = सब वसुओं का शरीर में भरण करनेवाला है। जीवन के लिये सब आवश्यक तत्त्वों को यह प्राप्त कराता है।
भावार्थभाषाः - भावार्थ- सुरक्षित सोम आनन्द को देनेवाला, शक्ति का सेचन करनेवाला व सब निवास के लिये आवश्यक तत्त्वों को प्राप्त करानेवाला है।
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आर्यमुनि

पदार्थान्वयभाषाः - (त्यमेतमु) एतं परमात्मानं (मदच्युतं) आनन्दपूर्णं (सहस्रधारम्) अनन्तशक्तिमन्तं (दिवो वृषभम्) द्युलोकादानन्दवृष्टिकर्त्तारं (विश्वा, वसूनि) सकलैश्वर्याणि (बिभ्रतं) दधतम् (दुहुः) एवंभूतं तं ज्ञानवृत्तिभिः परिपूरयन्ति ॥११॥
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डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - This treasure trove of the wealth, honour and excellence of existence, overflowing with honey sweets of ecstasy in a thousand streams, virile, brilliant and generous, the sages worship and they receive the milky grace of divinity for life and joy.