त्वमि॑न्द्राभि॒भूर॑सि॒ त्वं सूर्य॑मरोचयः । वि॒श्वक॑र्मा वि॒श्वदे॑वो म॒हाँ अ॑सि ॥
अंग्रेज़ी लिप्यंतरण
मन्त्र उच्चारण
tvam indrābhibhūr asi tvaṁ sūryam arocayaḥ | viśvakarmā viśvadevo mahām̐ asi ||
पद पाठ
त्वम् । इ॒न्द्र॒ । अ॒भि॒ऽभूः । अ॒सि॒ । त्वम् । सूर्य॑म् । अ॒रो॒च॒यः॒ । वि॒श्वऽक॑र्मा । वि॒श्वऽदे॑वः । म॒हान् । अ॒सि॒ ॥ ८.९८.२
ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:98» मन्त्र:2
| अष्टक:6» अध्याय:7» वर्ग:1» मन्त्र:2
| मण्डल:8» अनुवाक:10» मन्त्र:2
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हरिशरण सिद्धान्तालंकार
विश्वकर्मा, विश्वदेवः
पदार्थान्वयभाषाः - [१] हे (इन्द्र) = शत्रु - विद्रावक प्रभो ! (त्वम्) = आप (अभिभूः असि) = शत्रुओं का अभिभव करनेवाले हैं। (त्वम्) = आप ही (सूर्यं अरोचय:) = सूर्य को दीप्त करते हैं। प्रभु हमारे भी काम-क्रोध आदि शत्रुओं को अभिभूत करके हमारे मस्तिष्करूप द्युलोक में ज्ञानसूर्य को उदित करते हैं। [२] हे प्रभो! आप ही (विश्वकर्मा) = सब कर्मों को करनेवाले व (विश्वदेवः) = सब दिव्य गुणोंवाले वा सब देवों को देवत्व प्राप्त करानेवाले हैं। अतएव महान् (असि) = आप महान् हैं, पूज्य हैं।
भावार्थभाषाः - भावार्थ- प्रभु ही सब शत्रुओं का अभिभव करते हैं। प्रभु ही सूर्य को दीप्त करते हैं। प्रभु विश्वकर्मा, विश्वदेव व महान् हैं।
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डॉ. तुलसी राम
पदार्थान्वयभाषाः - Indra, you are the lord supreme dominant over all, you give light to the sun, you are the maker of the universe, you are the one adorable light and spirit of the world, you are the one great and glorious life of the world.
