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त्वं हि न॑: पि॒ता व॑सो॒ त्वं मा॒ता श॑तक्रतो ब॒भूवि॑थ । अधा॑ ते सु॒म्नमी॑महे ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

tvaṁ hi naḥ pitā vaso tvam mātā śatakrato babhūvitha | adhā te sumnam īmahe ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

त्वम् । हि । नः॒ । पि॒ता । व॒सो॒ इति॑ । त्वम् । म॒ता । श॒त॒क्र॒तो॒ इति॑ शतऽक्रतो । ब॒भूवि॑थ । अध॑ । ते॒ । सु॒म्नम् । ई॒म॒हे॒ ॥ ८.९८.११

ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:98» मन्त्र:11 | अष्टक:6» अध्याय:7» वर्ग:2» मन्त्र:5 | मण्डल:8» अनुवाक:10» मन्त्र:11


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हरिशरण सिद्धान्तालंकार

सुम्नम्

पदार्थान्वयभाषाः - [१] हे (वसो) = सब को अपने में बसानेवाले प्रभो ! (त्वं हि) = आप ही (नः पिता) = हमारे पिता हैं। हे (शतक्रतो) = अनन्त सामर्थ्य व प्रज्ञानवाले प्रभो ! (त्वम्) = आप ही हमारी माता (बभूविथ) = माता हैं। [२] (अधा) = सो अब (ते) = आप से ही (सुम्नम्) = सब सुखों की (ईमहे) = याचना करते हैं।
भावार्थभाषाः - भावार्थ- हे प्रभो! आप ही हमारे पिता हैं, आप ही माता हैं, आप से ही हम सब सुखों की याचना करते हैं।
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डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - O lord of infinite action, shelter home of the world and wealth of existence, you are our father, you our mother, and to you, we pray for love and peace, good will and grace.