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एतो॒ न्विन्द्रं॒ स्तवा॑म शु॒द्धं शु॒द्धेन॒ साम्ना॑ । शु॒द्धैरु॒क्थैर्वा॑वृ॒ध्वांसं॑ शु॒द्ध आ॒शीर्वा॑न्ममत्तु ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

eto nv indraṁ stavāma śuddhaṁ śuddhena sāmnā | śuddhair ukthair vāvṛdhvāṁsaṁ śuddha āśīrvān mamattu ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

एतो॒ इति॑ । नु । इन्द्र॑म् । स्तवा॑म । शु॒द्धम् । शु॒द्धेन॑ । साम्ना॑ । शु॒द्धैः । उ॒क्थैः । व॒वृ॒ध्वांस॑म् । शु॒द्धः । आ॒शीःऽवा॑न् । म॒म॒त्तु॒ ॥ ८.९५.७

ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:95» मन्त्र:7 | अष्टक:6» अध्याय:6» वर्ग:31» मन्त्र:2 | मण्डल:8» अनुवाक:10» मन्त्र:7


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हरिशरण सिद्धान्तालंकार

'शुद्ध आशीर्वान्' स्तोता

पदार्थान्वयभाषाः - [१] (एत उ) = आओ ही, हे मित्रो ! (नु) = अब (शुद्धं इन्द्रम्) = उस अपापविद्ध- पवित्र परमैश्वर्यशाली प्रभु को (शुद्धेन साम्ना) = निर्दोष, पवित्र हृदय से उच्चरित साम से [स्तोत्र से] (स्तवाम) = स्तुत करें। [२] (शुद्धैः उक्थैः) = निर्दोष पवित्र हृदय से उच्चरित स्तोत्रों से (वावृध्वांसम्) = वृद्धि को प्राप्त होनेवाले उस प्रभु को (शुद्धः) = शुद्ध जीवनवाला (आशीर्वान्) = प्रभु प्राप्ति की कामनावाला यह उपासक (ममत्तु) = आनन्दित करे।
भावार्थभाषाः - भावार्थ- हम मिलकर हृदय से प्रभु का उपासन करें। स्तवन से हमारे में प्रभु के प्रकाश का वर्धन होता है। हम शुद्ध जीवनवाले व प्रभु प्राप्ति की कामनावाले बनकर प्रभु को आराधित कर पाते हैं।
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डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - Come, friends, and, with happy chant of pure holy Sama songs, adore Indra, pure and bright spirit and power of the world, who feels pleased and exalted by honest unsullied songs of adoration. Let the supplicant with a pure heart please and win the favour of Indra and rejoice.