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कद्वो॑ अ॒द्य म॒हानां॑ दे॒वाना॒मवो॑ वृणे । त्मना॑ च द॒स्मव॑र्चसाम् ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

kad vo adya mahānāṁ devānām avo vṛṇe | tmanā ca dasmavarcasām ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

कत् । वः॒ । अ॒द्य । म॒हाना॑म् । दे॒वाना॑म् । अवः॑ । वृ॒णे॒ । त्मना॑ । च॒ । द॒स्मऽव॑र्चसाम् ॥ ८.९४.८

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ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:94» मन्त्र:8 | अष्टक:6» अध्याय:6» वर्ग:29» मन्त्र:2 | मण्डल:8» अनुवाक:10» मन्त्र:8


हरिशरण सिद्धान्तालंकार

दस्मवर्चस् [मरुत्]

पदार्थान्वयभाषाः - [१] हे मरुतो ! मैं (अद्य) = आज (वः) = आप (महानाम्) = महनीय-पूजनीय (देवानाम्) = देवों के (कत्) = आनन्द का विस्तार करनेवाले [कं तनोति ] (अवः) = रक्षण का (वृणे) = वरण करता हूँ। [२](च) = और उन मरुतों के रक्षण का मैं वरण करता हूँ जो (त्मना) = स्वयं ही (दस्मवर्चसाम्) = शत्रु- संहारक अथवा दर्शनीय तेजवाले हैं।
भावार्थभाषाः - भावार्थ- प्राणसाधना से हमें आनन्दप्रद रक्षण प्राप्त होता है। ये प्राण शत्रु संहारक तेज से सम्पन्न हैं।

डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - And when and how can I choose and hope for the protection and patronage of the great, noble and generous leaders and pioneers who are brilliant by virtue of their own innate power and personality?