वांछित मन्त्र चुनें

त्वामिद्वृ॑त्रहन्तम सु॒ताव॑न्तो हवामहे । यदि॑न्द्र मृ॒ळया॑सि नः ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

tvām id vṛtrahantama sutāvanto havāmahe | yad indra mṛḻayāsi naḥ ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

त्वाम् । इत् । वृ॒त्र॒ह॒न्ऽत॒म॒ । सु॒तऽव॑न्तः । ह॒वा॒म॒हे॒ । यत् । इ॒न्द्र॒ । मृ॒ळया॑सि । नः॒ ॥ ८.९३.३०

ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:93» मन्त्र:30 | अष्टक:6» अध्याय:6» वर्ग:26» मन्त्र:5 | मण्डल:8» अनुवाक:9» मन्त्र:30


0 बार पढ़ा गया

हरिशरण सिद्धान्तालंकार

वृत्रहन्तम

पदार्थान्वयभाषाः - [१] हे (वृत्रहन्तम) = वासनाओं को अधिक से अधिक विनष्ट करनेवाले प्रभो ! (सुतावन्तः) = सोम का सम्यक् सवन करनेवाले, सोम को शरीर में सुरक्षित करनेवाले, हम (त्वां इत्) = आपको ही (हवामहे) = पुकारते हैं। आपकी आराधना ही वासना विनाश के द्वारा हमें सोम के रक्षण के योग्य बनायेगी। [२] हे (इन्द्र) = सर्वशक्तिमन् प्रभो ! (यत्) = क्योंकि (नः) = हमें (मृडयासि) = आप ही सुखी करते हैं। आपकी आराधना करते हुए हम पवित्र व शान्त जीवनवाले बनते हैं। वासनारूप शत्रुओं का विनाश करती है और हमें सोमरक्षण
भावार्थभाषाः - भावार्थ- प्रभु की आराधना हमारे द्वारा सुखी करती है।
0 बार पढ़ा गया

डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - Blest with the beauty, grace and excellence of life, we invoke and celebrate you only, greatest destroyer of the darkness, evil and suffering of life since you are the highest power kind and gracious to us.