अ॒भी षु ण॒स्त्वं र॒यिं म॑न्दसा॒नः स॑ह॒स्रिण॑म् । प्र॒य॒न्ता बो॑धि दा॒शुषे॑ ॥
अंग्रेज़ी लिप्यंतरण
मन्त्र उच्चारण
abhī ṣu ṇas tvaṁ rayim mandasānaḥ sahasriṇam | prayantā bodhi dāśuṣe ||
पद पाठ
अ॒भि । सु । नः॒ । त्वम् । र॒यिम् । म॒न्द॒सा॒नः । स॒ह॒स्रिण॑म् । प्र॒ऽय॒न्ता । बो॒धि॒ । दा॒शुषे॑ ॥ ८.९३.२१
ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:93» मन्त्र:21
| अष्टक:6» अध्याय:6» वर्ग:25» मन्त्र:1
| मण्डल:8» अनुवाक:9» मन्त्र:21
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हरिशरण सिद्धान्तालंकार
'दाश्वान् के पालक' प्रभु
पदार्थान्वयभाषाः - [१] हे प्रभो ! (मन्दसानः) = गत मन्त्र के अनुसार उपासक के प्रति प्रीतिवाले होते हुए (त्वम्) = आप (नः) = हम उपासकों के लिये (सु) = अच्छी प्रकार (सहस्रिणं रयिम्) = सहस्रों का भरण करनेवाले ऐश्वर्य को (अभि प्रयन्ता) = देनेवाले होइये। [२] हे प्रभो ! (दाशुषे) = दाश्वान्, दानशील पुरुष के लिये (बोधि) = अवश्य ऐश्वर्य प्रदान का ध्यान करिये।
भावार्थभाषाः - भावार्थ- हम प्रभु का ध्यान करें। प्रभु हमें अवश्य ऐश्वर्यों को प्राप्त करायेंगे। हम दानशील बनेंगे, प्रभु अवश्य हमारा पालन करेंगे।
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डॉ. तुलसी राम
पदार्थान्वयभाषाः - Indra, lord all joy and bliss, our guide, delighted with the soma yajna of the generous yajamana, enlighten him and bring him a thousandfold wealth, honour and excellence.
