वांछित मन्त्र चुनें

बो॒धिन्म॑ना॒ इद॑स्तु नो वृत्र॒हा भूर्या॑सुतिः । शृ॒णोतु॑ श॒क्र आ॒शिष॑म् ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

bodhinmanā id astu no vṛtrahā bhūryāsutiḥ | śṛṇotu śakra āśiṣam ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

बो॒धित्ऽम॑नाः । इत् । अ॒स्तु॒ । नः॒ । वृ॒त्र॒ऽहा । भूरि॑ऽआसुतिः । शृ॒णोतु॑ । शु॒क्रः । आ॒ऽशिष॑म् ॥ ८.९३.१८

ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:93» मन्त्र:18 | अष्टक:6» अध्याय:6» वर्ग:24» मन्त्र:3 | मण्डल:8» अनुवाक:9» मन्त्र:18


0 बार पढ़ा गया

हरिशरण सिद्धान्तालंकार

'बोधिन्मना' प्रभु

पदार्थान्वयभाषाः - [१] वह (वृत्रहा) = वासना को विनष्ट करनेवाला प्रभु (नः) = हमारे लिये (इत्) = निश्चय से (बोधिन्मनाः) = ज्ञानयुक्त मन को देनेवाला हो । प्रभु हमें सदा प्रबुद्ध मन को प्राप्त करायें। वे प्रभु हमारे लिये (भूर्यासुतिः) = खूब ही सोम का सम्पादन करनेवाले हों। यह सोम ही तो मन आदि करणों [साधनों] की शक्ति का वर्धन करता है। [२] (शक्रः) = वह सर्वशक्तिमान् प्रभु हमारी (आशिषम्) = आशी:-इच्छा व प्रार्थना को (शृणोतु) = सुने । प्रभु हमारी सब कामनाओं को पूर्ण करें।
भावार्थभाषाः - भावार्थ- वासना को विनष्ट करनेवाले प्रभु हमें प्रवुद्ध मन को प्राप्त करायें, हमारे लिये सोम का सम्पादन करें और हमारी कामनाओं को पूर्ण करनेवाले हों।
0 बार पढ़ा गया

डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - May Indra, lord of universal intelligence, destroyer of darkness, commander of universal success and joy, we pray, know our mind and listen to us for our heart’s desire for success.