श्रु॒तं वो॑ वृत्र॒हन्त॑मं॒ प्र शर्धं॑ चर्षणी॒नाम् । आ शु॑षे॒ राध॑से म॒हे ॥
अंग्रेज़ी लिप्यंतरण
मन्त्र उच्चारण
śrutaṁ vo vṛtrahantamam pra śardhaṁ carṣaṇīnām | ā śuṣe rādhase mahe ||
पद पाठ
श्रु॒तम् । वः॒ । वृ॒त्र॒हन्ऽत॑मम् । प्र । शर्धं॑ । चर्षणी॒नाम् । आ शु॑षे॒ । राध॑से । म॒हे ॥ ८.९३.१६
ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:93» मन्त्र:16
| अष्टक:6» अध्याय:6» वर्ग:24» मन्त्र:1
| मण्डल:8» अनुवाक:9» मन्त्र:16
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हरिशरण सिद्धान्तालंकार
आशुषे, राधसे महे
पदार्थान्वयभाषाः - [१] (आ शुषे) = समन्तात् शत्रुओं के शोषण के लिये [शुष से भाव में क्विप्] तथा (महे राधसे) = जीवन की महान् सफलता के लिये उस प्रभु का (प्र) = खूब ही स्तवन करो जो (श्रुतम्) = सब वेदवाणियों में सुने जाते हैं। (वः वृत्रहन्तमम्) = तुम्हारी वासनाओं का खूब ही विनाश करनेवाले हैं तथा (चर्षणीनाम्) = श्रमशील मनुष्यों के (शर्धम्) = बलभूत हैं। [२] जब हम प्रभु का स्मरण करेंगे, तो वे हमारी वासनाओं का विनाश करके हमें शक्ति प्रदान करेंगे। यह शक्ति ही हमें शत्रुओं के शोषण के लिये समर्थ करेगी और जीवन में महान् साफल्य को देगी।
भावार्थभाषाः - भावार्थ- प्रभु स्मरण हमें वासना-विनाश द्वारा शक्ति सम्पन्न बनाता है। हम शत्रुओं का शोषण करते हुए जीवन में सफलता को प्राप्त करते हैं।
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डॉ. तुलसी राम
पदार्थान्वयभाषाः - For your strength, high success and advancement, I strive for and try to attain to the highest strength of the people capable of fighting out and eliminating the darkness, ignorance and suffering of life.
