त्वमे॒तद॑धारयः कृ॒ष्णासु॒ रोहि॑णीषु च । परु॑ष्णीषु॒ रुश॒त्पय॑: ॥
अंग्रेज़ी लिप्यंतरण
मन्त्र उच्चारण
tvam etad adhārayaḥ kṛṣṇāsu rohiṇīṣu ca | paruṣṇīṣu ruśat payaḥ ||
पद पाठ
त्वम् । ए॒तत् । अ॒धा॒र॒यः॒ । कृ॒ष्णासु॑ । रोहि॑णीषु । च॒ । परु॑ष्णीषु । रुश॑त् । पयः॑ ॥ ८.९३.१३
ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:93» मन्त्र:13
| अष्टक:6» अध्याय:6» वर्ग:23» मन्त्र:3
| मण्डल:8» अनुवाक:9» मन्त्र:13
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हरिशरण सिद्धान्तालंकार
काली व लाल सब गौओं में सफेद दूध
पदार्थान्वयभाषाः - [१] हे प्रभो ! (त्वम्) = आप ही (कृष्णासु) = कृष्ण वर्णवाली (च) = व (रोहिणीषु) = रोहित वर्णवाली (पुरुष्णीषु) = पालन व पूरण करनेवाली गौओं में (एतत्) = इस (रुशत्) = देदीप्यमान- चमकते हुए (पय:) = दुग्ध को (अधारयः) = धारण करते हैं। [२] गौओं का रंग भिन्न-भिन्न है । परन्तु उनके अन्दर दूध का वर्ण अलग-अलग नहीं। इसी प्रकार प्रभु सब भिन्न-भिन्न वर्णवाली त्वचाओंवाले मनुष्यों के लिये देदीप्यमान् ज्ञानदुग्ध को धारण करते हैं।
भावार्थभाषाः - भावार्थ - यह भी प्रभु के अद्भुत कार्यों में से एक कार्य है कि सब भिन्न-भिन्न वर्णवाली गौओं में दूध का वर्ण एक ही है।
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डॉ. तुलसी राम
पदार्थान्वयभाषाः - Only you as mind and electric energy bear, hold and maintain in circulation this bright vital liquid energy as sap and blood in the dark and red life sustaining veins and arteries of living forms.
