वांछित मन्त्र चुनें

त्वयेदि॑न्द्र यु॒जा व॒यं प्रति॑ ब्रुवीमहि॒ स्पृध॑: । त्वम॒स्माकं॒ तव॑ स्मसि ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

tvayed indra yujā vayam prati bruvīmahi spṛdhaḥ | tvam asmākaṁ tava smasi ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

त्वया॑ । इत् । इ॒न्द्र॒ । यु॒जा । व॒यम् । प्रति॑ । ब्रु॒वी॒म॒हि॒ । स्पृधः॑ । त्वम् । अ॒स्माक॑म् । तव॑ । स्म॒सि॒ ॥ ८.९२.३२

ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:92» मन्त्र:32 | अष्टक:6» अध्याय:6» वर्ग:20» मन्त्र:6 | मण्डल:8» अनुवाक:9» मन्त्र:32


0 बार पढ़ा गया

हरिशरण सिद्धान्तालंकार

आप हमारे, हम आपके

पदार्थान्वयभाषाः - [१] हे (इन्द्र) = सब शत्रुओं के संहारक प्रभो ! (त्वया युजा) = आप साथी के साथ (वयम्) = हम (स्पृधः) = स्पर्श करनेवाले शत्रुओं को, काम-क्रोध-लोभ आदि को (इत्) = निश्चय से प्रति (ब्रुवीमहि) = निराकृत कर उसे इनकी ललकार का ठीक उत्तर दे सकें। [२] हे प्रभो ! (त्वं अस्माकम्) = आप हमारे हों। (तव स्मसि) = हम आपके हों। हम आप से मिलकर ही तो शत्रुओं को जीत पायेंगे।
भावार्थभाषाः - भावार्थ- हम प्रभु के साथ मिलकर शत्रुओं को पराजित कर सकें। प्रभु हमारे हों, हम प्रभु के हों। यह ऐक्य ही तो शत्रु-विद्रावक होगा ।
0 बार पढ़ा गया

डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - Indra, O lord omnipotent, O intelligent soul in the state of divine beatitude, O mind in the state of perfect spiritual control, only with you as friend and companion do we counter and win our adversaries in life. You are ours, we are yours.