मा न॑ इन्द्रा॒भ्या॒३॒॑दिश॒: सूरो॑ अ॒क्तुष्वा य॑मन् । त्वा यु॒जा व॑नेम॒ तत् ॥
अंग्रेज़ी लिप्यंतरण
मन्त्र उच्चारण
mā na indrābhy ādiśaḥ sūro aktuṣv ā yaman | tvā yujā vanema tat ||
पद पाठ
मा । नः॒ । इ॒न्द्र॒ । अ॒भि । आ॒ऽदिशः॑ । सूरः॑ । अ॒क्तुषु॑ । आ । य॒म॒न् । त्वा । यु॒जा । व॒ने॒म॒ । तत् ॥ ८.९२.३१
ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:92» मन्त्र:31
| अष्टक:6» अध्याय:6» वर्ग:20» मन्त्र:5
| मण्डल:8» अनुवाक:9» मन्त्र:31
0 बार पढ़ा गया
हरिशरण सिद्धान्तालंकार
त्वा युजा वनेम तत्
पदार्थान्वयभाषाः - [१] हे (इन्द्र) = शत्रु- संहारक प्रभो ! (नः) = हमें (अभ्यादिशः) = सब ओर से आयुधों को अतिशयेन विसृष्ट करते हुए, सब ओर से आक्रमण करते हुए (सूर:) = [ सर्वत्र सरणशीलाः] सर्वत्र सरणशील ये आसुरभाव अक्तुषु अज्ञानान्धकार की रात्रियों में (मा आयमन्) = मत बाँधनेवाले हों। हम अज्ञानवश कामादि शत्रुओं के शिकार न हो जायें। [२] (त्वा युजा) = आप को साथी के रूप में पाकर, आप के सहाय से (सूरोतत्) = उस आसुर वृत्ति समूह को (वनेम) = पराजित करनेवाले हों।
भावार्थभाषाः - भावार्थ- हम अज्ञानवश वासनाओं से बद्ध न हो जायें। प्रभु को मित्र बनाकर इन वासनाओं का विनाश कर सकें।
0 बार पढ़ा गया
डॉ. तुलसी राम
पदार्थान्वयभाषाः - Indra, powerful friend and ally in spirit and conduct, let no force, howsoever strong it may be, from any direction come at night and overtake us by violence. With you as a friend and inspirer, let us counter that attack and win.
