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यस्ते॑ नू॒नं श॑तक्रत॒विन्द्र॑ द्यु॒म्नित॑मो॒ मद॑: । तेन॑ नू॒नं मदे॑ मदेः ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

yas te nūnaṁ śatakratav indra dyumnitamo madaḥ | tena nūnam made madeḥ ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

यः । ते॒ । नू॒नम् । श॒त॒क्र॒तो॒ इति॑ शतऽक्रतो । इन्द्र॑ । द्यु॒म्निऽत॑मः । मदः॑ । तेन॑ । नू॒नम् । मदे॑ । म॒देः॒ ॥ ८.९२.१६

ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:92» मन्त्र:16 | अष्टक:6» अध्याय:6» वर्ग:18» मन्त्र:1 | मण्डल:8» अनुवाक:9» मन्त्र:16


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हरिशरण सिद्धान्तालंकार

'द्युम्नितमः ' मदः

पदार्थान्वयभाषाः - [१] हे (शतक्रतो) = अनन्त प्रज्ञान व शक्तिवाले (इन्द्र) = शत्रु-विद्रावक प्रभो ! (यः) = जो (ते) = आपका दिया हुआ (मदः) = हर्ष का उत्पादक यह सोम है, वह (नूनम्) = निश्चय से (द्युम्नितमः) = हमारे जीवनों को खूब ही ज्योतिर्मय बनानेवाला है। [२] तेन उस उल्लास जनक सोम से (नूनम्) = निश्चय ही (मदे) = उल्लास के होने पर आप (मदे:) = हमें आनन्दित करनेवाले हों।
भावार्थभाषाः - भावार्थ-सुरक्षित सोम जीवन को ज्योतिर्मय व उल्लासयुक्त करता है। इससे जीवन आनन्दमय बनता है।
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डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - O lord of a hundred great actions, Indra, ruler of the world, the most generous, brilliant and ecstatic will and pleasure that is yours, by that, pray, inspire us and let us share the joy of divine achievement.