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मि॒त्रो नो॒ अत्यं॑ह॒तिं वरु॑णः पर्षदर्य॒मा । आ॒दि॒त्यासो॒ यथा॑ वि॒दुः ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

mitro no aty aṁhatiṁ varuṇaḥ parṣad aryamā | ādityāso yathā viduḥ ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

मि॒त्रः । नः॒ । अति॑ । अं॒ह॒तिम् । वरु॑णः । प॒र्ष॒त् । अ॒र्य॒मा । आ॒दि॒त्यासः॑ । यथा॑ । वि॒दुः ॥ ८.६७.२

ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:67» मन्त्र:2 | अष्टक:6» अध्याय:4» वर्ग:51» मन्त्र:2 | मण्डल:8» अनुवाक:7» मन्त्र:2


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शिव शंकर शर्मा

पदार्थान्वयभाषाः - हे परमात्मन् ! (त्वम्) तू (नः) हम आश्रित जनों को (अस्याः+अमतेः) इस अज्ञान से (अवस्पृधि) अलग कर (उत+क्षुधः) और इस क्षुधा अर्थात् दरिद्रता से हमको पृथक् ले जा और (अभिशस्तेः) इस निन्दा से भी हमको दूर कर। हे भगवन् ! तू (नः) हमको (ऊती) रक्षा और सहायता (शिक्ष) दे तथा (तव) तू अपनी (चित्रया+धिया) आश्चर्य बुद्धि और क्रिया हमको दे। (शविष्ठ) हे बलाधिदेव महाशक्ते ! तू (गातुवित्) सर्व पाप और सर्वरीति जानता है ॥१४॥
भावार्थभाषाः - इस ऋचा में अज्ञान, दरिद्रता और निन्दा से बचने के लिये और रक्षा सहायता और श्रेष्ठ बुद्धि प्राप्त करने के लिये शिक्षा देते हैं ॥१४॥
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हरिशरण सिद्धान्तालंकार

स्नेह, निर्देषता व संयम

पदार्थान्वयभाषाः - [१] (मित्रः) = स्नेह की देवता, (वरुणः) = निर्देषता की देवता तथा (अर्यमा) = संयम की देवता ये सब (नः) = हमें (अंहतिं अतिपर्षत्) = पाप से पार ले जाएँ- 'स्नेह, निर्देषता व संयम' को अपनाकर हम निष्पाप बनें। [२] (आदित्यासः) = ऊँचे-से-ऊँचे ज्ञान का आदान करनेवाले ज्ञानी पुरुष भी (यथा) = जैसे (विदुः) = ठीक जानें, उस प्रकार हमें पापों से दूर करें। आदित्यों के रक्षण में हमारा जीवन निष्पाप बने।
भावार्थभाषाः - भावार्थ- हम स्नेह, निर्देषता व संयम को अपनाते हुए निष्पाप बनें। ऊँचे-से-ऊँचे ज्ञान का ग्रहण करते हुए पवित्र जीवनवाले बनें।
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शिव शंकर शर्मा

पदार्थान्वयभाषाः - हे इन्द्र ! त्वम्। नोऽस्मान्। अस्याः+अमतेः=अज्ञानात्। उत+क्षुधः=क्षुधायाः। उत। अभिशस्तेः=निन्दायाश्च। अवस्पृधि=अवसारय। त्वं नोऽस्मभ्यम्। ऊती=ऊतिं रक्षाम्। साहाय्यञ्च। शिक्ष=देहि। तथा। तव चित्रया धिया सह। शिक्ष। हे शविष्ठ बलाधिदेव ! यतस्त्वम्। गातुविदसि=मार्गविदसि ॥१४॥
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डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - To the best of their knowledge and intention, power and purpose, may Mitra, teachers and preachers, intellectuals and researchers, universal friends of humanity, Varuna, chosen representatives, governors and administrators, and Aryama, leaders of law, guides of the nation, Adityas all, children of light and givers of enlightenment, protect, promote and defend us against violence, injustice and ignorance and cleanse us of sin and crime.