वांछित मन्त्र चुनें

वि॒द्मा हि त्वा॑ धनंज॒यमिन्द्र॑ दृ॒ळ्हा चि॑दारु॒जम् । आ॒दा॒रिणं॒ यथा॒ गय॑म् ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

vidmā hi tvā dhanaṁjayam indra dṛḻhā cid ārujam | ādāriṇaṁ yathā gayam ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

वि॒द्म । हि । त्वा॒ । ध॒न॒म्ऽज॒यम् । इन्द्र॑ । दृ॒ळ्हा । चि॒त् । आ॒ऽरु॒जम् । आ॒दा॒रिण॑म् । यथा॑ । गय॑म् ॥ ८.४५.१३

ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:45» मन्त्र:13 | अष्टक:6» अध्याय:3» वर्ग:44» मन्त्र:3 | मण्डल:8» अनुवाक:6» मन्त्र:13


0 बार पढ़ा गया

शिव शंकर शर्मा

पदार्थान्वयभाषाः - (शक्र) हे शक्तिसम्पन्न अन्तरात्मन् ! हम उपासक (ते) तेरे (द्विषः) द्वेषी पापाचारों को (परि+वृज्याम) सर्वथा त्याग देवें उनके निकट न जावें किन्तु (गोमतः) प्रशस्त इन्द्रियों से युक्त (ते) तेरे (दावने) दान के लिये (इन्द्र) हे इन्द्र ! (गमेम+इत्) तेरे निकट अवश्य पहुँचे ॥१०॥
भावार्थभाषाः - इस अन्तरात्मा के गुण पहिचानो। जो कोई इसे जान इसको शुद्ध बनाता और पापों से बचाता है, वह इसके द्वारा बहुत कुछ पाता है। हे मनुष्यों ! यह शक्र है। यह महादण्डधारी है। इसको पापाचार से स्वभावतः घृणा है। इसकी उपासना करो ॥१०॥
0 बार पढ़ा गया

हरिशरण सिद्धान्तालंकार

धनञ्जयं आदारिणम्

पदार्थान्वयभाषाः - [१] हे (इन्द्र) = परमैश्वर्यशालिन् प्रभो ! हम (त्वा) = आपको (हि) = निश्चय से (धनञ्जयम्) = सब धनों का विजेता (विद्मा) = जानते हैं । सब धनों का विजय आप ही करते हैं। आप (दृढ़ाचित्) = प्रबल भी शत्रुओं का (आरुजं) = समन्तात् भंग करनेवाले हैं। [२] (आदारिणं) = शत्रुओं को छिन्न-भिन्न करनेवाले आपको हम (यथा गयम्) = घर के समान जानते हैं। आप हमारे लिए उपद्रवों से रक्षक गृह के समान हैं।
भावार्थभाषाः - भावार्थ:- प्रभु धनों के विजेता- शत्रुओं के छेत्ता व गृह के समान रक्षक हैं।
0 बार पढ़ा गया

शिव शंकर शर्मा

पदार्थान्वयभाषाः - हे शक्र=शक्तिसम्पन्न अन्तरात्मन्। वयमुपासकाः। ते=तव। द्विषः=द्वेष्टॄन् पापाचारान्। परिवृज्याम=नोपगच्छेम। किन्तु। हे इन्द्र ! गोमतः=प्रशस्तेन्द्रिययुक्तस्य। ते=तव। दावने=दानाय। अरं=पर्य्याप्तम्। गमेम इत्=गच्छेमैव ॥—१०॥
0 बार पढ़ा गया

डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - We know you, Indra, as our very haven and home, winner of wealth, honour and excellence, strong and firm, destroyer of evil and breaker of the strongholds of darkness, superstition and misery.