वांछित मन्त्र चुनें

यदि॑न्द्रा॒ग्नी जना॑ इ॒मे वि॒ह्वय॑न्ते॒ तना॑ गि॒रा । अ॒स्माके॑भि॒र्नृभि॑र्व॒यं सा॑स॒ह्याम॑ पृतन्य॒तो व॑नु॒याम॑ वनुष्य॒तो नभ॑न्तामन्य॒के स॑मे ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

yad indrāgnī janā ime vihvayante tanā girā | asmākebhir nṛbhir vayaṁ sāsahyāma pṛtanyato vanuyāma vanuṣyato nabhantām anyake same ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

यत् । इ॒न्द्रा॒ग्नी इति॑ । जनाः॑ । इ॒मे । वि॒ऽह्वय॑न्ते । तना॑ । गि॒रा । अ॒स्माके॑भिः । नृऽभिः॑ । व॒यम् । स॒स॒ह्याम॑ । पृ॒त॒न्य॒तः । व॒नु॒याम॑ । व॒नु॒ष्य॒तः । नभ॑न्ताम् । अ॒न्य॒के । स॒मे॒ ॥ ८.४०.७

ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:40» मन्त्र:7 | अष्टक:6» अध्याय:3» वर्ग:25» मन्त्र:1 | मण्डल:8» अनुवाक:5» मन्त्र:7


0 बार पढ़ा गया

हरिशरण सिद्धान्तालंकार

तना+गिरा

पदार्थान्वयभाषाः - [१] (इमे जनाः) = ये लोग (यत्) = जब (तना) = शक्तियों के विस्तार के हेतु से तथा (गिरा) = ज्ञान की वाणियों के हेतु से (इन्द्राग्नी) = बल व प्रकाश के देवों को (विह्वयन्ते) = पुकारते हैं- उनकी आराधना करते हैं। तो इन इन्द्र और अग्नि के आराधक इन (अस्माकेभिः नृभिः) = हमारे लोगों के द्वारा (वयं) = हम (पृतन्यतः) = सेना के द्वारा आक्रमण करनेवालों को संग्राम करनेवालों को (सासह्याम) = पराभूत करनेवाले हों। [२] इन्द्र और अग्नि की आराधना करते हुए हम (वनुष्यतः वनुयाम) = हिंसा करते हुए शत्रुओं को हिंसित करनेवाले हों। हमारे समे सारे अन्यके शत्रु (नभन्ताम्) = विनष्ट हों।
भावार्थभाषाः - भावार्थ - इन्द्र और अग्नि का आराधन करते हुए हम शक्तियों के विस्तार के द्वारा तथा ज्ञानवृद्धि के द्वारा शत्रुओं को पराजित करनेवाले हों।
0 बार पढ़ा गया

डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - When these our people, with one persistent voice and relentless exhortation, invoke and call upon Indra and Agni who command irresistible power and unquestionable knowledge, then with our dynamic people we would face and fight out all violent oppositions and defeat destructive forces. May all violence, destruction, terrorism and sabotage vanish from progressive society.