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इ॒दं वां॑ मदि॒रं मध्वधु॑क्ष॒न्नद्रि॑भि॒र्नर॑: । इन्द्रा॑ग्नी॒ तस्य॑ बोधतम् ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

idaṁ vām madiram madhv adhukṣann adribhir naraḥ | indrāgnī tasya bodhatam ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

इ॒दम् । वा॒म् । म॒दि॒रम् । मधु॑ । अधु॑क्षन् । अद्रि॑ऽभिः । नरः॑ । इन्द्रा॑ग्नी॒ इति॑ । तस्य॑ । बो॒ध॒त॒म् ॥ ८.३८.३

ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:38» मन्त्र:3 | अष्टक:6» अध्याय:3» वर्ग:20» मन्त्र:3 | मण्डल:8» अनुवाक:5» मन्त्र:3


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हरिशरण सिद्धान्तालंकार

मदिरं मधु

पदार्थान्वयभाषाः - [१] हे (इन्द्राग्नी) = बल व प्रकाश के दिव्य भावो ! (इदं) = यह (वां) = आपका (मदिरं) = उल्लास का जनक (मधु) = सब भोजन के रूप में ग्रहण की गई ओषधियों का सारभूत सोम [वीर्य] है। [२] (नरः) = उन्नति पथ पर चलनेवाले लोग (अद्रिभिः) = उपासनाओं के द्वारा (अधुक्षत्) = इसे अपने में प्रपूरित करते हैं । हे इन्द्राग्नी आप (तस्य) = उस जीवनयज्ञ का, जिसमें कि सोम का धारण किया जाता है, (बोधतम्) = ध्यान करो। आपको ही इस जीवनयज्ञ में सोम की आहुति देनी है।
भावार्थभाषाः - भावार्थ:- उपासना के द्वारा उन्नति पथ पर बढ़नेवाले लोग सोम का रक्षण करते हैं। यह सुरक्षित सोम बल व प्रकाश का वर्धन करता हुआ उल्लास का जनक होता है।
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डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - Indra and Agni, ruler and enlightened leader, the people, leading lights and all, create these exhilarating honey sweets of soma with mountainous efforts to felicitate you. Know this, recognise it, and honour them.