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ते हि ष्मा॑ व॒नुषो॒ नरो॒ऽभिमा॑तिं॒ कय॑स्य चित् । ति॒ग्मं न क्षोद॑: प्रति॒घ्नन्ति॒ भूर्ण॑यः ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

te hi ṣmā vanuṣo naro bhimātiṁ kayasya cit | tigmaṁ na kṣodaḥ pratighnanti bhūrṇayaḥ ||

पद पाठ

ते । हि । स्म॒ । व॒नुषः॑ । नरः॑ । अ॒भिऽमा॑तिम् । कय॑स्य । चि॒त् । ति॒ग्मम् । न । क्षोदः॑ । प्र॒ति॒ऽघ्नन्ति॑ । भूर्ण॑यः ॥ ८.२५.१५

ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:25» मन्त्र:15 | अष्टक:6» अध्याय:2» वर्ग:23» मन्त्र:5 | मण्डल:8» अनुवाक:4» मन्त्र:15


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शिव शंकर शर्मा

उनके गुणों को दिखलाते हैं।

पदार्थान्वयभाषाः - (ते+हि+स्म) वे ही मित्र, वरुण और अर्यमा (कयस्य+चित्) सबकी (अभिमातिम्) शत्रुता को (प्रतिघ्नन्ति) निवारण करते हैं, जो (वनुषः) यथार्थ न्याय के विभाग करनेवाले (नरः) नेता हैं (न) और जैसे (भूर्णयः) अतिवेगवान् (क्षोदः) जल (तिग्मम्) अग्रतः स्थित वृक्षादि को उखाड़ डालते हैं ॥१५॥
भावार्थभाषाः - कार्य में नियुक्त मित्रादि निरालस होकर प्रजा के विघ्नों को दूर किया करें ॥१५॥
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हरिशरण सिद्धान्तालंकार

शत्रु के अभिमान को कुचलना

पदार्थान्वयभाषाः - [१] (ते) = वे (हि) = ही (ष्मा) = निश्चय से (वनुषः नरः) = प्रभु का सम्भजन करनेवाले, उन्नतिपथ पर चलनेवाले मनुष्य हैं, जो (कयस्य चित्) = किसी भी शत्रु के (अभिमतिम्) - अभिमान को (प्रतिघ्नन्ति) = विनष्ट कर देते हैं। सब शत्रुओं को वशीभूत करना ही प्रभु का सच्चा सम्भजन है। [२] ये (भूर्णयः) = ठीक प्रकार से पोषण करनेवाले लोग इन 'काम-क्रोध-लोभ' आदि शत्रुओं की सत्ता को इस प्रकार विनष्ट करते हैं, (न) = जैसे (तिग्मं क्षोदः) = तीव्र वेगवाला जल-प्रवाह सामने आये वृक्षों को उखाड़ फेंकता है।
भावार्थभाषाः - भावार्थ- प्रभु के सच्चे उपासक उन्नतिशील मनुष्य वही हैं, जो काम-क्रोध-लोभ के वेग को समाप्त करनेवाले होते हैं।
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शिव शंकर शर्मा

तेषां गुणान् दर्शयति।

पदार्थान्वयभाषाः - वनुषः=संभक्तारः। नरः=नेतारः। ते+हि+स्म=ते वरुणादयः। कयस्य+चित्=कस्यापि=सर्वस्य हि। अभिमातिम्= अभिमानम्=शत्रुताम्। प्रतिघ्नन्ति=निवारयन्ति। न=यथा। भूर्णयः=अतिवेगवन्तः। क्षोदः=क्षोदाः=जलानि। अग्रतः स्थितं वृक्षम्। उन्मूलयन्ति। तद्वत् ॥१५॥
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डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - All of them, adorable leaders of life, blazing brilliant and irresistible, counter and shatter any enemy as a mighty flood shatters and washes off the firmest obstacles.