विश्व॑स्य॒ हि प्र॑चेतसा॒ वरु॑ण॒ मित्र॒ राज॑थः। ई॒शा॒ना पि॑प्यतं॒ धियः॑ ॥२॥
viśvasya hi pracetasā varuṇa mitra rājathaḥ | īśānā pipyataṁ dhiyaḥ ||
विश्व॑स्य। हि। प्र॒ऽचे॒त॒सा॒। वरु॑ण। मित्र॑। राज॑थः। ई॒शा॒ना। पि॒प्य॒त॒म्। धियः॑ ॥२॥
स्वामी दयानन्द सरस्वती
फिर मनुष्यों को करना चाहिये, इस विषय को कहते हैं ॥
हरिशरण सिद्धान्तालंकार
प्रचेतसा - ईशाना
स्वामी दयानन्द सरस्वती
पुनर्मनुष्यैः किं कर्त्तव्यमित्याह ॥
हे प्रचेतसेशाना वरुण मित्र विश्वस्य मध्ये युवां राजथः धियो हि पिप्यतम् ॥२॥
डॉ. तुलसी राम
आचार्य धर्मदेव विद्या मार्तण्ड
What should men do is further told.
O Varuna (giver of good knowledge) and Mitra (friend, bestower of all happiness) ! you being endowed with excellent knowledge or wisdom shine over the whole world. Increase the power of our intellect.
