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तामुपा॑ह्वयन्त ॥

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

ताम् । उप । अह्वयन्त ॥११.३॥

अथर्ववेद » काण्ड:8» सूक्त:10» पर्यायः:2» मन्त्र:3


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पण्डित क्षेमकरणदास त्रिवेदी

ब्रह्मविद्या का उपदेश।

पदार्थान्वयभाषाः - (ताम्) उसे (उप) पास से (अह्वयन्त) उन्होंने बुलाया ॥३॥
भावार्थभाषाः - सब प्राणी ईश्वरशक्ति का खोज करते हैं ॥३॥
टिप्पणी: ३−(ताम्) (उप) उपेत्य (अह्वयन्त) आहूतवन्तः ॥