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पण्डित क्षेमकरणदास त्रिवेदी
गर्भाधान का उपदेश।
पदार्थान्वयभाषाः - (यथा) जैसे (इयम्) इस (मही) विशाल (पृथिवी) पृथिवी ने (पर्वतान्) पहाड़ों और (गिरीन्) पहाड़ियों को (दाधार) धारण किया है (एव) वैसे ही (ते) तेरा... म० १ ॥३॥
टिप्पणी: ३−(पर्वतान्) महाशैलान् (गिरीन्) क्षुद्रशिलोच्चयान्। अन्यद् गतम् ॥
