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पृ॒थि॒व्यै स्वाहा॑ ॥२॥

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

पृथिव्यै । स्वाहा ॥९.२॥

अथर्ववेद » काण्ड:5» सूक्त:9» पर्यायः:0» मन्त्र:2


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पण्डित क्षेमकरणदास त्रिवेदी

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पदार्थान्वयभाषाः - (पृथिव्यै) विस्तृत नीति के लिये (स्वाहा) सुन्दर वाणी है ॥२॥
टिप्पणी: २−(पृथिव्यै) विस्तृतायै नीतये (स्वाहा) ॥