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सहो॑ ऽसि॒ सहो॑ मे दाः॒ स्वाहा॑ ॥

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

सह: । असि । सह: । मे । दा: । स्वाहा ॥१७.२॥

अथर्ववेद » काण्ड:2» सूक्त:17» पर्यायः:0» मन्त्र:2


पण्डित क्षेमकरणदास त्रिवेदी

आयु बढ़ाने के लिये उपदेश।

पदार्थान्वयभाषाः - [हे परमात्मा !] तू (सहः) पराक्रमस्वरूप (असि) है, (मे) मुझे (सहः) आत्मिक पराक्रम (दाः) दे, (स्वाहा) यह सुन्दर आशीर्वाद हो ॥२॥
भावार्थभाषाः - अनन्त ब्रह्माण्डों का रचक और धारक परमेश्वर पराक्रमस्वरूप है। ऐसा सोचकर विद्यादि उपायों से मनुष्य अपनी आत्मिक शक्ति बढ़ावें ॥२॥
टिप्पणी: २–सहः। षह अभिभवे, क्षमायाम्–असुन्। मानसिकबलम्। पराक्रमः ॥