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प॑र्यायि॒केभ्यः॒ स्वाहा॑ ॥

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पद पाठ

पर्यायिकेभ्यः। स्वाहा ॥२२.७॥

अथर्ववेद » काण्ड:19» सूक्त:22» पर्यायः:0» मन्त्र:7


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पण्डित क्षेमकरणदास त्रिवेदी

महाशान्ति के लिये उपदेश।

पदार्थान्वयभाषाः - (पर्यायिकेभ्यः) पर्याय [अनुक्रम] वाले गुणों के लिये (स्वाहा) स्वाहा [सुन्दर वाणी] हो ॥७॥
भावार्थभाषाः - स्पष्ट है ॥७॥
टिप्पणी: ७−(पर्यायिकेभ्यः) अत इनिठनौ। पा०५।२।११५। पर्याय-ठन्। अनुक्रमयुक्तेभ्यः ॥