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क्षु॒द्रेभ्यः॒ स्वाहा॑ ॥

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

क्षुद्रेभ्यः। स्वाहा ॥२२.६॥

अथर्ववेद » काण्ड:19» सूक्त:22» पर्यायः:0» मन्त्र:6


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पण्डित क्षेमकरणदास त्रिवेदी

महाशान्ति के लिये उपदेश।

पदार्थान्वयभाषाः - (क्षुद्रेभ्यः) सूक्ष्म गुणों के लिये (स्वाहा) स्वाहा [सुन्दर वाणी] हो ॥६॥ यह मन्त्र आगे है-अथर्व०१९।२३।२१॥
भावार्थभाषाः - स्पष्ट है ॥६॥
टिप्पणी: ६−(क्षुद्रेभ्यः) स्फायितञ्चिवञ्चिशकिक्षिषिक्षुदि०। उ०२।१३। क्षुदिर् संपेषणे-रक्। सूक्ष्मगुणेभ्यः ॥