वांछित मन्त्र चुनें

ग॒णेभ्यः॒ स्वाहा॑ ॥

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

गणेभ्यः। स्वाहा ॥२२.१६॥

अथर्ववेद » काण्ड:19» सूक्त:22» पर्यायः:0» मन्त्र:16


0 बार पढ़ा गया

पण्डित क्षेमकरणदास त्रिवेदी

महाशान्ति के लिये उपदेश।

पदार्थान्वयभाषाः - (गणेभ्यः) समूहों के लिये (स्वाहा) स्वाहा [सुन्दर वाणी] हो ॥१६॥
भावार्थभाषाः - स्पष्ट है ॥१६॥
टिप्पणी: १६−(गणेभ्यः) समूहेभ्यः ॥