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तस्मै॑प्र॒तीच्या॑ दि॒शः ॥

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

तस्मै । प्रतीच्या: । दिश: ॥४.७॥

अथर्ववेद » काण्ड:15» सूक्त:4» पर्यायः:0» मन्त्र:7


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पण्डित क्षेमकरणदास त्रिवेदी

परमेश्वर के रक्षा गुण का उपदेश।

पदार्थान्वयभाषाः - (तस्मै) उस [विद्वान्]के लिये (प्रतीच्याः दिशः) पश्चिमी दिशा से ॥७॥
भावार्थभाषाः - मन्त्र १-३ के समान है॥७-९॥
टिप्पणी: ७−(तस्मै) विदुषे (प्रतीच्याः) पश्चिमायाः (दिशः) ॥