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पण्डित क्षेमकरणदास त्रिवेदी
परमेश्वर के रक्षा गुण का उपदेश।
पदार्थान्वयभाषाः - (तस्मै) उस [विद्वान्]के लिये (उदीच्याः दिशः) उत्तरवाली दिशा से ॥१०॥
भावार्थभाषाः - मन्त्र १-३ के समान है॥१०-१२॥
टिप्पणी: १०−(उदीच्याः)उत्तरायाः। अन्यद्गतम् ॥
