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तस्मा॒ उदी॑च्यादि॒शः ॥

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

तस्मै । उदीच्या: । दिश: ॥४.१०॥

अथर्ववेद » काण्ड:15» सूक्त:4» पर्यायः:0» मन्त्र:10


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पण्डित क्षेमकरणदास त्रिवेदी

परमेश्वर के रक्षा गुण का उपदेश।

पदार्थान्वयभाषाः - (तस्मै) उस [विद्वान्]के लिये (उदीच्याः दिशः) उत्तरवाली दिशा से ॥१०॥
भावार्थभाषाः - मन्त्र १-३ के समान है॥१०-–१२॥
टिप्पणी: १०−(उदीच्याः)उत्तरायाः। अन्यद्गतम् ॥