वांछित मन्त्र चुनें

स वै वा॒योर॑जायत॒ तस्मा॑द्वा॒युर॑जायत ॥

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

स: । वै । वायो: । अजायत । तस्मात् । वायु: । अजायत ॥७.४॥

अथर्ववेद » काण्ड:13» सूक्त:4» पर्यायः:0» मन्त्र:32


0 बार पढ़ा गया

पण्डित क्षेमकरणदास त्रिवेदी

परमात्मा और जीवात्मा के विषय का उपदेश।

पदार्थान्वयभाषाः - (सः) वह [कारणरूप ईश्वर] (वै) अवश्य (वायोः) [कार्यरूप] पवन से (अजायत) प्रकट हुआ है, (तस्मात्) उस [कारणरूप] से (वायुः) पवन (अजायत) उत्पन्न हुआ है ॥३२॥
भावार्थभाषाः - मन्त्र २९ के समान ॥३२॥
टिप्पणी: ३२−(वायोः) कार्यरूपात् पवनात् (वायुः) पवनः। अन्यद् गतम् ॥