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पण्डित क्षेमकरणदास त्रिवेदी
सृष्टि के पदार्थों के ज्ञान का उपदेश।
पदार्थान्वयभाषाः - (त्रपु) सीसा वा राँगा (भस्म) भस्म [उसकी राख समान], (हरितम्) सुवर्ण (वर्णः) [उसका] रङ्ग [समान] और (पुष्करम्) कमल का फूल (अस्य) इसका (गन्धः) गन्ध [समान] हैं ॥८॥
भावार्थभाषाः - सीसा सुवर्ण और कमल आदि वस्तु परमेश्वर से उत्पन्न हैं ॥८॥
टिप्पणी: ८−(त्रपु) शॄस्वृस्निहित्रप्यसि०। उ० १।१०। त्रपु लज्जायाम्-उ। अग्निं प्राप्य यत् त्रपते लज्जितमिव भवतीति तत् त्रपु सीसकं रोगं वा (भस्म) भस दीप्तौ-मनिन्। दग्धगोमयादिविकारः (हरितम्) सुवर्णम् (वर्णः) शुक्लादिरूपम् (पुष्करम्) कमलपुष्पम् (अस्य) ईश्वरस्य (गन्धः) घ्राणग्राह्यो गुणः ॥
