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पण्डित क्षेमकरणदास त्रिवेदी
सृष्टि के पदार्थों के ज्ञान का उपदेश।
पदार्थान्वयभाषाः - (श्यामम्) श्याम वर्ण (अयः) लोहा (अस्य) इसके (मांसानि) मांस के अवयव [तुल्य] हैं और (लोहितम्) रक्त वर्णवाला [लोहा अर्थात् ताँबा] (अस्य) इसके (लोहितम्) रुधिर [समान] है ॥७॥
भावार्थभाषाः - लोहा-ताँबा आदि धातु परमेश्वर की सत्ता से उत्पन्न हुए हैं ॥७॥
टिप्पणी: ७−(श्यामम्) इषियुधीन्धिदसिश्या०। उ० १।१४५। श्यैङ् गतौ-मक् कृष्णवर्णम् (अयः) इण् गतौ-असुन्। लौहः। धातुभेदः (अस्य) पूर्वोक्तस्य परमेश्वरस्य (मांसानि) मांसावयवाः (लोहितम्) रक्तवर्णम्। अयः। ताम्रमित्यर्थः (अस्य) (लोहितम्) रुधिरम् ॥
