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त्वं सु॒तो नृ॒माद॑नो दध॒न्वान्म॑त्स॒रिन्त॑मः । इन्द्रा॑य सू॒रिरन्ध॑सा ॥

English Transliteration

tvaṁ suto nṛmādano dadhanvān matsarintamaḥ | indrāya sūrir andhasā ||

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Pad Path

त्वम् । सु॒तः । नृ॒ऽमाद॑नः । द॒ध॒न्वान् । म॒त्स॒रिन्ऽत॑मः । इन्द्रा॑य । सू॒रिः । अन्ध॑सा ॥ ९.६७.२

Rigveda » Mandal:9» Sukta:67» Mantra:2 | Ashtak:7» Adhyay:2» Varga:13» Mantra:2 | Mandal:9» Anuvak:3» Mantra:2


ARYAMUNI

Word-Meaning: - हे परमात्मन् ! आप (इन्द्राय) कर्मयोगी के लिए (मत्सरिन्तमः) अत्यन्त आह्लादजनक हैं और (सुतः) स्वयंभू हैं। तथा (नृमादनः) तथा आप सर्वानन्दजनक हैं और (दधन्वान्) सबके धारण करनेवाले हैं और (सूरिः) सर्वोत्पादक हैं। तथा (अन्धसा) अपने ऐश्वर्य से सबको ऐश्वर्यशाली बनाते हैं ॥२॥
Connotation: - परमात्मा उद्योगी पुरुषों को अपने ऐश्वर्य से ऐश्वर्यशाली बनाते हैं ॥२॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

'नृमादन- मत्सरिन्तम' सोम

Word-Meaning: - [१] हे सोम ! (त्वम्) = तू (सुतः) = उत्पन्न हुआ हुआ (नृमादनः) = उन्नतिपथ पर चलनेवाले लोगों को आनन्दित करनेवाला है। (दधन्वान्) = धारण करता हुआ तू (मत्सरिन्तमः) = अतिशयेन उल्लास का संचार करनेवाला है । [२] हे सोम ! तू (इन्द्राय) = जितेन्द्रिय पुरुष के लिये (अन्धसा) = सात्त्विक अन्न के द्वारा (सूरिः) = उत्कृष्ठ प्रेरणा को देनेवाला होता है। सात्त्विक अन्न के प्रयोग से उत्पन्न सोम शरीर में सुरक्षित होकर हमें उत्कृष्ट मार्ग पर चलने के लिये प्रेरित करता है। सोमी पुरुष का झुकाव निम्न मार्ग की ओर जाने का नहीं रहता ।
Connotation: - भावार्थ- सुरक्षित सोम हमारा धारण करता हुआ हमारे जीवन को उल्लासमय बनाता है। सात्त्विक अन्न से उत्पन्न हुआ हुआ सोम हमें सात्त्विकता की ओर ले चलता है।

ARYAMUNI

Word-Meaning: - हे जगदीश ! (त्वम्) भवान् (इन्द्राय) कर्मयोगिने (मत्सरिन्तमः) आनन्ददायकोऽस्ति। (सुतः) स्वयम्भूस्तथा (नृमादनः) सर्वानन्दजनकः। अथ च (दधन्वान्) सर्वधारकोऽस्ति। तथा (सूरिः) सर्वोत्पादकोऽसि त्वम्। अथ च (अन्धसा) स्वकीयैश्वर्येण सर्वस्मै ऐश्वर्यं ददासि ॥२॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - You, self-existent spirit, distilled and realised in meditative yajna, are the giver of joy to humanity, most ecstatic sustaining power of affirmation, creative, brave and life-giving inspiration for the honour and dignity of the soul for humanity.