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पव॑मानो॒ अति॒ स्रिधो॒ऽभ्य॑र्षति सुष्टु॒तिम् । सूरो॒ न वि॒श्वद॑र्शतः ॥
English Transliteration
Mantra Audio
pavamāno ati sridho bhy arṣati suṣṭutim | sūro na viśvadarśataḥ ||
Pad Path
पव॑मानः । अति॑ । स्रिधः॑ । अ॒भि । अ॒र्ष॒ति॒ । सु॒ऽस्तु॒तिम् । सूरः॑ । न । वि॒श्वऽद॑र्शतः ॥ ९.६६.२२
Rigveda » Mandal:9» Sukta:66» Mantra:22
| Ashtak:7» Adhyay:2» Varga:11» Mantra:2
| Mandal:9» Anuvak:3» Mantra:22
ARYAMUNI
Word-Meaning: - (पवमानः) पवित्र करनेवाला परमात्मा (स्रिधः अति) दुष्टों को अतिक्रमण करता है और (सुष्टुतिम्) सद्गुणसंपन्न पुरुषों को (अभ्यर्षति) प्राप्त होता है, वह परमात्मा (सूरो न) सूर्य की तरह (विश्वदर्शतः) स्वतःप्रकाश है ॥२२॥
Connotation: - जो पुरुष संयमी बनकर ईश्वरपरायण होते हैं, परमात्मा उन पर अवश्यमेव कृपा करता है ॥२२॥
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
सूर्य के समान
Word-Meaning: - [१] (पवमानः) = यह पवित्र करनेवाला सोम (अति स्त्रिधः) = सब हिंसक तत्त्वों से हमें ऊपर उठाता है, यह (सुष्टुतिं अभि अर्षति) = उत्तम स्तुति की ओर चलता है। हमें प्रभु-स्तवन की वृत्तिवाला बनाता है । [२] यह सोम (सूरः न) = सूर्य के समान है, सूर्य की तरह हमारे जीवन में से अन्धकार को दूर करता है। (विश्वदर्शत:) = सम्पूर्ण संसार को यह हमें दिखानेवाला है । सम्पूर्ण ज्ञानों को प्राप्त करानेवाला है।
Connotation: - प्रभु-स्तवन भावार्थ- सोम हमें पवित्र करता है, हिंसक तत्त्वों का शिकार नहीं होने देता, की ओर झुकाता है, हमारे जीवन में सूर्य के समान अन्धकार को दूर करके प्रकाश को करता है।
ARYAMUNI
Word-Meaning: - (पवमानः) पविता परमात्मा (स्रिधः अति) दुष्टानतिक्राम्यति। तथा (सुष्टुतिम्) सद्गुणसम्पन्नपुरुषान् (अभ्यर्षति) प्राप्नोति, स परमात्मा (सूरो न) सूर्य इव (विश्वदर्शतः) स्वयम्प्रकाशोऽस्ति ॥२२॥
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - Soma is pure, purifying, radiating, it goes forward, eliminating violence and negativities, and blesses our songs of adoration. Self-refulgent and all watching, it enlightens the world like the sun with its refulgence.
