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प्र ण॑ इन्दो म॒हे रण॒ आपो॑ अर्षन्ति॒ सिन्ध॑वः । यद्गोभि॑र्वासयि॒ष्यसे॑ ॥

English Transliteration

pra ṇa indo mahe raṇa āpo arṣanti sindhavaḥ | yad gobhir vāsayiṣyase ||

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Pad Path

प्र । नः॒ । इ॒न्दो॒ इति॑ । म॒हे । रणे॑ । आपः॑ । अ॒र्ष॒न्ति॒ । सिन्ध॑वः । यत् । गोभिः॑ । वा॒स॒यि॒ष्यसे॑ ॥ ९.६६.१३

Rigveda » Mandal:9» Sukta:66» Mantra:13 | Ashtak:7» Adhyay:2» Varga:9» Mantra:3 | Mandal:9» Anuvak:3» Mantra:13


ARYAMUNI

Word-Meaning: - (इन्दो) हे प्रकाशरूप परमात्मन् ! (नः) हमारे (महे रणे) ज्ञानरूप यज्ञ के लिए आपने (गोभिः) ज्ञानेन्द्रियों द्वारा हमारे शरीर का (वासयिष्यसे) निर्माण किया है और (यत्) जब (सिन्धवः) स्यन्दनशील कर्मेन्द्रियाँ (आपः) कर्मों को (प्रार्षन्ति) प्राप्त होती हैं, तब हमारे इस बृहत् यज्ञ की पूर्ति होती है ॥१३॥
Connotation: - इस मन्त्र में परमात्मा ने ज्ञान और कर्म का समुच्चय कथन किया है कि जब ज्ञान और कर्म दोनों मिलते हैं, तब ही यज्ञ की पूर्ति होती है, अन्यथा नहीं ॥१३॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

महान् रण के लिये

Word-Meaning: - [१] हे (इन्द्रो) = हमें शक्तिशाली बनानेवाले सोम ! (सिन्धवः आपः) = शरीर में प्रवाहित होनेवाले रेत:कण (नः) = हमें (महे रणे) = इस महत्त्वपूर्ण जीवन-संग्राम के निमित्त (प्र अर्षन्ति) = प्राप्त होते हैं । इन रेत: कणों के द्वारा ही हम इस जीवन-संग्राम में विजयी बनेंगे । [२] हे इन्दो ! यह सब तब होता है (यद्) = जब कि (गोभिः) = ज्ञान की वाणियों के द्वारा (वासयिष्यसे) = शरीर में वसाया जाता है। जब हम स्वाध्याय में प्रवृत्त होते हैं तो ये सोम ज्ञानाग्नि का ईंधन बनकर शरीर में ही सुरक्षित रहते हैं। उस समय ये रोगकृमियों व लोभ आदि अशुभ- वृत्तियों को भी विनष्ट करके हमें इस महान् जीवन-संग्राम में विजयी बनाते हैं ।
Connotation: - भावार्थ - शरीर में स्वाध्याय द्वारा सुरक्षित सोमकण हमें जीवन संग्राम में विजय प्राप्त करानेवाले होते हैं ।

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (इन्दो) हे प्रकाशरूप परमात्मन् ! (नः) अस्माकं (महे रणे) ज्ञानयज्ञाय त्वया (गोभिः) ज्ञानेन्द्रियैरस्मच्छरीरं (वासयिष्यसे) निर्मितम्। अथ च (यत्) यदा (सिन्धवः) स्यन्दनशीलकर्मेन्द्रियाणि (आपः) कर्माणि (प्रार्षन्ति) प्राप्नुवन्ति, तदैव यज्ञपूर्तिर्भवति ॥१३॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - O spirit of Soma energy and existential flow, Indu, in this great battle field of life, thoughts, energies and actions flow, rivers and seas flow, when you energise and vibrate with the dynamics of Prakrti.