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इन्द्रं॒ वर्ध॑न्तो अ॒प्तुर॑: कृ॒ण्वन्तो॒ विश्व॒मार्य॑म् । अ॒प॒घ्नन्तो॒ अरा॑व्णः ॥

English Transliteration

indraṁ vardhanto apturaḥ kṛṇvanto viśvam āryam | apaghnanto arāvṇaḥ ||

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Pad Path

इन्द्र॑म् । वर्ध॑न्तः । अ॒प्ऽतुरः॑ । कृ॒ण्वन्तः॑ । विश्व॑म् । आर्य॑म् । अ॒प॒ऽघ्नन्तः॑ । अरा॑व्णः ॥ ९.६३.५

Rigveda » Mandal:9» Sukta:63» Mantra:5 | Ashtak:7» Adhyay:1» Varga:30» Mantra:5 | Mandal:9» Anuvak:3» Mantra:5


ARYAMUNI

Word-Meaning: - (इन्द्रम्) शूरवीर के महत्त्व को (वर्धन्तः) बढ़ाते हुए और उसको (अप्तुरः) गतिशील (कृण्वन्तः) करते हुए और (अराव्णः) सब शत्रुओं को (अपघ्नन्तः) नाश करते हुए (विश्वं) सब प्रकार के (आर्यम्) आर्यत्व को दें ॥५॥
Connotation: - परमात्मा से प्रार्थना है कि परमात्मा श्रेष्ठ स्वभाव का प्रदान करे, ताकि आर्यता को धारण करके पुरुष राजधर्म का शासन करे ॥५॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

आर्य व उदार

Word-Meaning: - [१] शरीरस्थ सोम (इन्द्रं वर्धन्तः) = हमारे अन्दर इन्द्र का वर्धन करते हैं। सोमरक्षण से हमारे अन्दर प्रभु की भावना बढ़ती है। ये सोमकण 'अप्तुरः 'हमें कर्मों में त्वरा से प्रेरित करते हैं। ये हमारे (विश्वम्) = सम्पूर्ण जीवन को (आर्यम्) = श्रेष्ठ (कृण्वन्तः) = करते हैं । [२] और ये सोम (अराव्णः) = अदानवृत्तियों को (अपघ्नन्तः) = सुदूर विनष्ट करते हैं ।
Connotation: - भावार्थ- सुरक्षित सोम हमें 'प्रभु-प्रवण क्रियाशील आर्य व उदार' बनाता है ।

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (इन्द्रं वर्धन्तः) शूरमहत्त्वं वर्धयन् तथा तत् (अप्तुरः) गत्वरं (कृण्वन्तः) कुर्वन् (अराव्णः) समस्तान् शत्रून् (अपघ्नन्तः) नाशयन् (विश्वम्) सर्वविधं (आर्यम्) आर्यत्वं ददातु ॥५॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - They advance vibrant, relentless at top speed, glorifying life, making the world noble and nobler, reducing and eliminating the forces of uncreativity, negativity and selfishness.