Viewed 364 times
उ॒त नो॒ गोम॑ती॒रिषो॒ विश्वा॑ अर्ष परि॒ष्टुभ॑: । गृ॒णा॒नो ज॒मद॑ग्निना ॥
English Transliteration
Mantra Audio
uta no gomatīr iṣo viśvā arṣa pariṣṭubhaḥ | gṛṇāno jamadagninā ||
Pad Path
उ॒त । नः॒ । गोऽम॑तीः । इषः॑ । विश्वाः॑ । अ॒र्ष॒ । प॒रि॒ऽस्तुभः॑ । गृ॒णा॒नः । ज॒मत्ऽअ॑ग्निना ॥ ९.६२.२४
Rigveda » Mandal:9» Sukta:62» Mantra:24
| Ashtak:7» Adhyay:1» Varga:28» Mantra:4
| Mandal:9» Anuvak:3» Mantra:24
ARYAMUNI
Word-Meaning: - (उत) और (जमदग्निना गृणानः) प्रज्वलित प्रताप होने से सब लोगों से स्तूयमान आप (नः) हमारे लिये (परिष्टुभः) जो कि किसी प्रकार नहीं चलनेवाली ऐसी (विश्वाः) सब प्रकार की (गोमतीः इषः) गवादि पदार्थ युक्त शक्ति को (अर्षः) प्राप्त कराइये ॥२४॥
Connotation: - परमात्मा उपदेश करता है कि हे प्रजाननो ! तुम लोग उक्तगुणसम्पन्न राजपुरुषों के सदैव अनुयायी बने रहो, ताकि वे तुम्हारे लिये पृथिव्यादिलोक-लोकान्तरों के ऐश्वर्यों से तुम्हें विभूषित करें ॥२४॥
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
'ज्ञानाग्नि व जाठराग्नि' का दीपन
Word-Meaning: - [१] हे सोम ! तू (उत) = निश्चय से (नः) = हमारे लिये (विश्वा:) = सब (गोमती:) = प्रशस्त ज्ञान की वाणियोंवाली (इषः) = प्रेरणाओं को (अर्ष) = प्राप्त करा । ये प्रेरणायें (परिष्टुभः) = सब ओर से आक्रमण करनेवाली [परि] वासनाओं को रोकनेवाली है [स्तुभ्] । [२] यह सोम (जमदग्निना) = जमदग्नि से (गृणान:) = स्तुति किया जाता है। 'जमद् अग्नि' वह व्यक्ति है जिसकी कि जाठराग्नि [वैश्वानर अग्नि] ठीक रहती हैं, जिसकी अग्नि में मन्दता नहीं आती। वस्तुतः सोमरक्षण के द्वारा ही जमदग्नि बनता है। सुरक्षित सोम ज्ञानाग्नि को भी दीप्त करता है, जाठराग्नि को भी ।
Connotation: - भावार्थ- सोमरक्षण से हमें प्रभु-प्रेरणाओं के रूप में वह ज्ञान प्राप्त होता है जो कि वासनाओं के आक्रमण से हमें बचाता है। यह सोम जाठराग्नि को भी ठीक रखता है।
ARYAMUNI
Word-Meaning: - (उत) तथा (जमदग्निना गृणानः) समधिज्वलितप्रतापतया सर्वैः स्तूयमानो भवान् (नः) अस्मभ्यं (परिष्टुभः) निश्चलाः (विश्वाः) बहुविधाः (गोमतीः इषः) गवादिपदार्थयुक्ताः शक्तीः (अर्ष) प्रापयतु ॥२४॥
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - O Soma, lord of peace, joy and grace, glorified by the sage of vision and lighted fire, bring us all the world’s wealth of food, energy and knowledge abundant in lands and cows and graces of culture of permanent and adorable value.
