Viewed 396 times
अ॒भि सोमा॑स आ॒यव॒: पव॑न्ते॒ मद्यं॒ मद॑म् । अ॒भि कोशं॑ मधु॒श्चुत॑म् ॥
English Transliteration
Mantra Audio
abhi somāsa āyavaḥ pavante madyam madam | abhi kośam madhuścutam ||
Pad Path
अ॒भि । सोमा॑सः । आ॒यवः॑ । पव॑न्ते । मद्य॑म् । मद॑म् । अ॒भि । कोश॑म् । म॒धु॒ऽश्चुत॑म् ॥ ९.२३.४
Rigveda » Mandal:9» Sukta:23» Mantra:4
| Ashtak:6» Adhyay:8» Varga:13» Mantra:4
| Mandal:9» Anuvak:1» Mantra:4
ARYAMUNI
Word-Meaning: - (सोमासः) ये कार्य्यब्रह्माण्ड जो (आयवः) गतिशील हैं, (मद्यम् मदम्) अनन्त प्रकार के आह्लादकारक और मदकारक वस्तुओं को (अभि) सब ओर से उत्पन्न करते हैं और (मधुश्चुतम्) नानाप्रकार के रसों को देनेवाले (कोशम्) खजाने को (अभि) सब ओर से उत्पन्न करते हैं ॥४॥
Connotation: - सब विभूतियों की खानरूप ब्रह्माण्डों का वर्णन किया है। तात्पर्य यह है कि इस संसार में नानाप्रकार की वस्तुएँ जिन ब्रह्माण्डों में उत्पन्न होती हैं, उनको सोम नाम से कथन किया गया है ॥४॥
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
मधुश्चतं कोशं अभि
Word-Meaning: - [१] (आयवः) = गतिशील सब गतियों को उत्पन्न करनेवाले (सोमास:) = सोमकण (मद्यम्) = आनन्दजनक (मदम्) = हर्ष को (अभि पवन्ते) = लक्ष्य करके गतिवाले होते हैं। सोमकण शरीर में गतिमय होते हैं, तो जीवन में एक अद्भुत आनन्द की प्राप्ति होती है । [२] ये सोमकण (मधुश्रुतम्) = माधुर्य ही माधुर्य को क्षरित करनेवाले माधुर्य के स्रोत बने हुए (कोशं अभि) = कोश का लक्ष्य करके गतिवाले होते हैं । अर्थात् ये हमें प्रभु के समीप ले जाते हैं, जो प्रभु आनन्दमय व आनन्द के स्रोत हैं, उनकी ओर हमें यह सोम ही ले चलता है ।
Connotation: - भावार्थ - शरीर में सुरक्षित सोम आनन्द का कारण है और आनन्दमय प्रभु को प्राप्त कराता है ।
ARYAMUNI
Word-Meaning: - (सोमासः) इमानि कार्यरूपब्रह्माण्डानि (आयवः) गन्तॄणि सन्ति (मद्यम् मदम्) अनेकविधानि आह्लादकानि मादकानि वस्तूनि (अभि) सर्वत्रोत्पादयन्ति (मधुश्चुतम्) विविधरसजनकम् (कोशम्) आकरम् (अभि) अभित उत्पादयन्ति च ॥४॥
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - The joyous worlds of Soma move on pure and free, life for Soma devotees moves on pure and free, they enjoy the ecstatic beauty and sweetness of the world, and their homes abound in honey sweets distilled from life.
