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उ॒त नो॒ वाज॑सातये॒ पव॑स्व बृह॒तीरिष॑: । द्यु॒मदि॑न्दो सु॒वीर्य॑म् ॥

English Transliteration

uta no vājasātaye pavasva bṛhatīr iṣaḥ | dyumad indo suvīryam ||

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Pad Path

उ॒त । नः॒ । वाज॑ऽसातये । पव॑स्व । बृ॒ह॒तीः । इषः॑ । द्यु॒ऽमत् । इ॒न्दो॒ इति॑ । सु॒ऽवीर्य॑म् ॥ ९.१३.४

Rigveda » Mandal:9» Sukta:13» Mantra:4 | Ashtak:6» Adhyay:8» Varga:1» Mantra:4 | Mandal:9» Anuvak:1» Mantra:4


ARYAMUNI

Word-Meaning: - (इन्दो) हे परमैश्वर्यवाले परमात्मन् ! (द्युमत्) दीप्तिवाला (सुवीर्यम्) बल (पवस्व) हमको दें (उत) और (वाजसातये) युद्धों में (नः बृहतीः इषः) हमको बड़ी शक्ति प्रदान करें ॥४॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

द्युमत्-सुवीर्यम्

Word-Meaning: - [१] हे (इन्दो) = शक्तिशाली सोम ! तू (नः) = हमारे लिये (वाजसातये) = जीवन-संग्राम में विजय की प्राप्ति के लिये (बृहतीः इषः) = वृद्धि की कारणभूत प्रेरणाओं को (पवस्व) = प्राप्त करा । सोम-रक्षण से हृदय पवित्र होता है। पवित्र हृदय में प्रभु प्रेरणा सुन पड़ती है। यह प्रेरणा हमें जीवन-संग्राम में विजयी बनाती है। [२] (उत) = और हे सोम ! तू हमें (द्युमत्) = ज्योतिर्मय (सुवीर्यम्) = उत्तम वीर्य को [= शक्ति को] प्राप्त करा ।
Connotation: - भावार्थ- सोमरक्षण से हमें पवित्र हृदय में प्रभु की प्रेरणायें सुन पड़ती हैं। हमें ज्योति व शक्ति प्राप्त होती है ।

ARYAMUNI

Word-Meaning: - (इन्दो) हे परमैश्वर्यशालिपरमात्मन् ! (द्युमत्) दीप्तिमत् (सुवीर्यम्) बलं (पवस्व) अस्मभ्यं देहि (उत) तथा च (वाजसातये) युद्धेषु (नः बृहतीः इषः) अस्मभ्यं प्रबलां शक्तिं प्रयच्छ ॥४॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - O refulgent Soma, lord of peace, power, beauty and glory, flow, purify and empower us for victory in the battles of life and give us abundant food and energy and high order of noble creative courage and rectitude.