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पव॑न्ते॒ वाज॑सातये॒ सोमा॑: स॒हस्र॑पाजसः । गृ॒णा॒ना दे॒ववी॑तये ॥

English Transliteration

pavante vājasātaye somāḥ sahasrapājasaḥ | gṛṇānā devavītaye ||

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Pad Path

पव॑न्ते । वाज॑ऽसातये । सोमाः॑ । स॒हस्र॑ऽपाजसः । गृ॒णा॒नाः । दे॒वऽवी॑तये ॥ ९.१३.३

Rigveda » Mandal:9» Sukta:13» Mantra:3 | Ashtak:6» Adhyay:8» Varga:1» Mantra:3 | Mandal:9» Anuvak:1» Mantra:3


ARYAMUNI

Word-Meaning: - उक्त विद्वान् (देववीतये) ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिये (गृणानाः) स्तुति करते हुए (सहस्रपाजसः) अनन्त प्रकार के बलोंवाले (सोमाः) सौम्य स्वभाववाले (वाजसातये) धर्मयुद्धों में (पवन्ते) हमको पवित्र करते हैं ॥३॥
Connotation: - जो लोग ईश्वर पर विश्वास रख कर अनन्त प्रकार के कला-कौशलादि बलों से सम्पन्न होते हैं, वे ही सब प्रजा को पवित्र करते हैं अर्थात् अपने ज्ञान से प्रजा की रक्षा करते हैं ॥३॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

वाजसातये-देववीतये

Word-Meaning: - [१] (सहस्रपाजस:) = अनन्त शक्तियोंवाले (सोमाः) = ये सोमकण (वाजसातये) = शक्ति की प्राप्ति के लिये (पवन्ते) = हमें प्राप्त होते हैं। इनके रक्षण से शक्ति सम्पन्न होकर हम जीवन-संग्राम में सदा विजयी बनते हैं । [२] (गृणाना:) = स्तुति किये जाते हुए ये सोमकण (देववीतये) = दिव्य गुणों की प्राप्ति के लिये व अन्ततः प्रभु की प्राप्ति के लिये होते हैं। सोम के स्तवन का भाव यही है कि हम इनके गुणों का रक्षण करें। इनके गुणों का स्मरण हमें इनके रक्षण के लिये प्रेरित करता है । रक्षित हुए हुए ये हमारे अन्दर दिव्य गुणों का वर्धन करते हैं।
Connotation: - भावार्थ- सोमरक्षण से हम जीवन-संग्राम में विजयी बनते हैं और दिव्य गुणों की प्राप्ति करनेवाले होते हैं ।

ARYAMUNI

Word-Meaning: - उक्ता विद्वांसः (देववीतये) ऐश्वर्यलाभाय (गृणानाः) स्तुतिं कुर्वाणाः (सहस्रपाजसः) विविधबलसहिताः (सोमाः) सौम्यस्वभाववन्तः (वाजसातये) धर्मयुद्धेषु (पवन्ते) पुनन्ति अस्मान् ॥३॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - The Soma streams of life’s felicity flow in a thousand ways of energy, power and divine inspiration, doing honour to the lord of glory and bliss, refining and purifying us for favour of the divinities and for winning victories of honour and excellence in life.