Go To Mantra
Viewed 398 times

यद्ध॑ नू॒नं यद्वा॑ य॒ज्ञे यद्वा॑ पृथि॒व्यामधि॑ । अतो॑ नो य॒ज्ञमा॒शुभि॑र्महेमत उ॒ग्र उ॒ग्रेभि॒रा ग॑हि ॥

English Transliteration

yad dha nūnaṁ yad vā yajñe yad vā pṛthivyām adhi | ato no yajñam āśubhir mahemata ugra ugrebhir ā gahi ||

Mantra Audio
Pad Path

यत् । ह॒ । नू॒नम् । यत् । वा॒ । य॒ज्ञे । यत् । वा॒ । पृ॒थि॒व्याम् । अधि॑ । अतः॑ । नः॒ । य॒ज्ञम् । आ॒शुऽभिः॑ । म॒हे॒ऽम॒ते॒ । उ॒ग्रः । उ॒ग्रेभिः॑ । आ । ग॒हि॒ ॥ ८.४९.७

Rigveda » Mandal:8» Sukta:49» Mantra:7 | Ashtak:6» Adhyay:4» Varga:15» Mantra:2 | Mandal:8» Anuvak:6» Mantra:7


HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

आशुभिः उग्रेभिः

Word-Meaning: - [१] (यत् ह नूनं) = आप निश्चय से शीघ्र ही (नः) = हमारे (यज्ञं) = इस जीवन-यज्ञ को (आशुभिः) = शीघ्रगति वाले (उग्रेभिः) = तेजस्वी इन्द्रियाश्वों से (आगहि) = प्राप्त होइये। [२] हे (उग्र) = तेजस्विन्! (महेमते) = महान् बुद्धि [ज्ञान] वाले प्रभो (यद् वा यज्ञे) = चाहे हम लोकहित के लिए होनेवाले यज्ञात्मक कर्मों में हों, (यद् वा) = और चाहे (पृथिव्याम् अधि) = इस शरीररूप पृथिवी के लिए ही हम कर्मों में लगे हों आप (इतः) = इन कर्मों की पूत के हेतु से [नः] = हमें अवश्य प्राप्त होइये ही ।
Connotation: - भावार्थ- प्रभु से हम शीघ्रता ये कर्मों में व्याप्त होनेवाले तेजस्वी इन्द्रियाश्वों को प्राप्त करके यज्ञात्मक कर्मों को व शरीर रक्षणात्मक कर्मों को करनेवाले हों।

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Illustrious Indra, whether you are at some yajna or somewhere on earth or anywhere else, from there come to our yajna by the fastest and mightiest forces, illustrious lord, wisest of the wise.