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न॒ह्य१॒॑ङ्ग पु॒रा च॒न ज॒ज्ञे वी॒रत॑र॒स्त्वत् । नकी॑ रा॒या नैवथा॒ न भ॒न्दना॑ ॥

English Transliteration

nahy aṅga purā cana jajñe vīrataras tvat | nakī rāyā naivathā na bhandanā ||

Pad Path

न॒हि । अ॒ङ्ग । पु॒रा । च॒न । ज॒ज्ञे । वी॒रऽत॑रः । त्वत् । नकिः॑ । रा॒या । न । ए॒वऽथा॑ । न । भ॒न्दना॑ ॥ ८.२४.१५

Rigveda » Mandal:8» Sukta:24» Mantra:15 | Ashtak:6» Adhyay:2» Varga:17» Mantra:5 | Mandal:8» Anuvak:4» Mantra:15


SHIV SHANKAR SHARMA

उसी का महत्त्व दिखलाते हैं।

Word-Meaning: - हे ईश ! (त्वत्) तुझसे बढ़कर (पुरा) पूर्वकाल में या वर्तमानकाल में (वीरतरः+न+च+जज्ञे) कोई वीर पुरुष न उत्पन्न हुआ, न होगा (अङ्ग) यह प्रसिद्ध है, (राया) सम्पत्ति में भी (नकिः) तुमसे बढ़कर कोई नहीं, (एवथा+न) रक्षण के कारण ही तुमसे अधिक कोई नहीं (भन्दना+न) और स्तुति के कारण भी तुमसे अधिक नहीं, तू ही वीर धनवान् रक्षक और स्तुत्य है ॥१५॥
Connotation: - वही सर्वगुणसम्पन्न होने के कारण परमपूज्य है ॥१५॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

वीरता - ऐश्वर्य - गतिशीलता व कल्याण

Word-Meaning: - [१] हे (अंग) = गतिशील प्रभो ! (पुराचन) = आज तक पहले कभी भी (त्वत्) = आप से (वीरतर:) = अधिक वीर (न हि) = नहीं ही (जज्ञे) = हुआ। प्रभु सर्वोपरि वीर हैं। प्रभु ही हमारे सब शत्रुओं को कम्पित करनेवाले हैं। [२] हे प्रभो ! (नकिः राया) = तो ही धन के दृष्टिकोण से आप से अधिक कोई हुआ है। (न एवथा) = न गतिशीलता के दृष्टिकोण से आप से कोई अधिक है और (न) = न ही (भन्दना) = कल्याण व सुख के दृष्टिकोण से कोई आप से अधिक हुआ है।
Connotation: - भावार्थ- प्रभु ही 'वीरता, ऐश्वर्य, गतिशीलता व कल्याण' के स्रोत हैं। इन दृष्टिकोणों से कोई भी प्रभु से अधिक नहीं है।

SHIV SHANKAR SHARMA

तस्यैव महत्त्वं दर्शयति।

Word-Meaning: - हे ईश ! त्वत्=त्वत्तः। पुरा=पूर्वम्। वीरतरः कश्चित्। नहि जज्ञे। अङ्गेति प्रसिद्धम्। राया=सम्पत्त्या सह। त्वदधिकः। नकिः=न कोऽपि वर्तते। एवथा=अवथा=रक्षणेन कारणेन। न त्वदधिकः। भन्दना=स्तुत्या च। न त्वदधिकः। त्वमेव वीरो धनवान् रक्षकः स्तुत्यश्चेति दर्शयति ॥१५॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Pray listen, Indra, dearest lord of life, true it is that no one born ever before or after was greater or mightier than you, none by wealth and power, none by competence and advancement, none by songs of prayer and adoration, none like you.