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यो विश्वा॒भि वि॒पश्य॑ति॒ भुव॑ना॒ सं च॒ पश्य॑ति। स नः॑ पू॒षावि॒ता भु॑वत्॥

English Transliteration

yo viśvābhi vipaśyati bhuvanā saṁ ca paśyati | sa naḥ pūṣāvitā bhuvat ||

Mantra Audio
Pad Path

यः। विश्वा॑। अ॒भि। वि॒ऽपश्य॑ति। भुव॑ना। सम्। च॒। पश्य॑ति। सः। नः॒। पू॒षा। अ॒वि॒ता। भु॒व॒त्॥

Rigveda » Mandal:3» Sukta:62» Mantra:9 | Ashtak:3» Adhyay:4» Varga:10» Mantra:4 | Mandal:3» Anuvak:5» Mantra:9


SWAMI DAYANAND SARSWATI

अब इस अगले मन्त्र में परमात्मा के विषय को कहते हैं।

Word-Meaning: - हे मनुष्यो ! (यः) जो जगदीश्वर (विश्वा) सम्पूर्ण (भुवना) जीव, लोक वा वस्तुओं को (अभि) सन्मुख (विपश्यति) अनेक प्रकार से देखता है (सम्, पश्यति) मिले हुए देखता है (सः) वह (नः) हम लोगों का (पूषा) पुष्टिकर्त्ता (अविता) रक्षक (भुवत्) होवैं (च) और जिससे हम लोग निरन्तर वृद्धि को प्राप्त होवें ॥९॥
Connotation: - जो सबका रचने देखने और कर्मों के फल देनेवाला न्यायाधीश ईश्वर है, वही हम लोगों की रक्षा करने और वृद्धि करनेवाला होवै, ऐसी हम सब लोग अभिलाषा करैं ॥९॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

'सर्व पोषक' प्रभु

Word-Meaning: - [१] (सः) = वे (पूषा) = सब का पोषण करनेवाले प्रभु (नः) = हमारे (अविता) = रक्षण करनेवाले (भुवत्) = हों। वस्तुतः जैसे माता-पिता सन्तानों का रक्षण करते हैं, वैसे ही हम सब के रक्षक प्रभु ही हैं। [२] वे प्रभु हमारा रक्षण करें (यः) = जो (विश्वा भुवना) = सब प्राणियों को (अभिविपश्यति) = आभिमुख्येन देखनेवाले हैं। प्रभु सब का ध्यान करते हैं। (च) = और (संपश्यति) = सम्यक्तया ध्यान करते हैं। प्रभु सबका पालन कर रहे हैं और अत्यन्त अच्छी प्रकार पालन कर रहे हैं। सांसारिक माता-पिता ज्ञान व शक्ति की अल्पता के कारण पालन में कुछ कमी कर जाएँ तो कर जाएँ, पर प्रभु के पालन में कोई कमी नहीं, वे सर्वज्ञ हैं व सर्वशक्तिमान् हैं। सो उनका पालन भी पूर्ण है।
Connotation: - भावार्थ- सर्वपोषक प्रभु के हम पालनीय बनें ।

SWAMI DAYANAND SARSWATI

अथ परमात्मविषयमाह।

Anvay:

हे मनुष्या यो जगदीश्वरो विश्वा भुवनानि विपश्यति सं पश्यति स नः पूषाऽविता भुवत्। येन च वयं सततं वर्धेमहि ॥९॥

Word-Meaning: - (यः) परमात्मा (विश्वा) सर्वाणि (अभि) आभिमुख्ये (विपश्यति) विविधतया प्रेक्षते (भुवना) सर्वाणि भूतानि लोकान् वस्तूनि वा (सम्) (च) (पश्यति) (सः) (नः) अस्माकम् (पूषा) पुष्टिकरः (अविता) रक्षिता (भुवत्) भूयात् ॥९॥
Connotation: - यः सर्वस्य विधाता द्रष्टा कर्मणां फलप्रदाता न्यायाधीश ईश्वरोऽस्ति स एवाऽस्माकं रक्षको वर्षको भूयादिति सर्वे वयमभिलषेम ॥९॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - The One who sees all the things and living beings and all the worlds directly and instantly in all their variety, and watches all of them together as one, in truth, that lord giver of life and sustenance, we pray, be our saviour and protector.

ACHARYA DHARMA DEVA VIDYA MARTANDA

The subject touching God is mentioned.

Anvay:

O men ! may that nourishing God, Who looks upon all the universe and Who thoroughly comprehends them, be our protector. So that we may ever grow.

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - We should always desire that God, Who is the ordainer of all, supervisor and giver of all fruits of all actions and dispenser of justice. Let Him be our protector and leader.

MATA SAVITA JOSHI

N/A

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - जो सर्वांना निर्माण करणारा, पाहणारा, कर्माचे फळ देणारा, न्यायाधीश ईश्वर आहे तोच आमचे रक्षण करणारा व वृद्धी करणारा आहे अशी आम्ही सर्वांनी इच्छा बाळगावी. ॥ ९ ॥