Go To Mantra
Viewed 365 times

दे॒वान्वसि॑ष्ठो अ॒मृता॑न्ववन्दे॒ ये विश्वा॒ भुव॑ना॒भि प्र॑त॒स्थुः । ते नो॑ रासन्तामुरुगा॒यम॒द्य यू॒यं पा॑त स्व॒स्तिभि॒: सदा॑ नः ॥

English Transliteration

devān vasiṣṭho amṛtān vavande ye viśvā bhuvanābhi pratasthuḥ | te no rāsantām urugāyam adya yūyam pāta svastibhiḥ sadā naḥ ||

Pad Path

दे॒वान् । वसि॑ष्ठः । अ॒मृता॑न् । व॒व॒न्दे॒ । ये । विश्वा॑ । भुव॑ना । अ॒भि । प्र॒ऽत॒स्थुः । ते । नः॒ । रा॒स॒न्ता॒म् । उ॒रु॒ऽगा॒यम् । अ॒द्य । यू॒यम् । पा॒त॒ । स्व॒स्तिऽभिः॑ । सदा॑ । नः॒ ॥ १०.६६.१५

Rigveda » Mandal:10» Sukta:66» Mantra:15 | Ashtak:8» Adhyay:2» Varga:14» Mantra:5 | Mandal:10» Anuvak:5» Mantra:15


BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (वसिष्ठः) सर्व विषयों में अत्यन्त बसा हुआ (अमृतान् देवान्) जीवन्मुक्त विद्वानों को (ववन्दे) प्रशंसित करता है (ये विश्वा भुवना-अभि प्रतस्थुः) जो जीवन्मुक्त सारे ज्ञानों को अधिकार में रखते हैं (ते) वे (नः) हमारे लिए (अद्य) आज-इस जीवन में (उरुगायं रासन्ताम्) बहुत प्रशंसनीय ज्ञान-परमात्मज्ञान को दें (यूयं स्वस्तिभिः-नः सदा पात) हे विद्वानों ! तुम कल्याणवचनों से हमें सदा सुरक्षित रखो ॥१५॥
Connotation: - नव स्नातक विद्वान् को अपनी विद्यावृद्धि के लिए अन्य ऊँचे विद्वानों, जीवन्मुक्तों से ज्ञानवृद्धि करके आत्मशान्ति प्राप्त करनी चाहिए, जो सबसे उत्कृष्ट वस्तु है ॥१५॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

देव-वन्दन

Word-Meaning: - देखो १०.६५.१५ । सूक्त का प्रारम्भ 'देवों के सम्पर्क में मैं भी दिव्य जीवनवाला बनूँ' इस भावना से होता है, (१) और समाप्ति पर उन्हीं देवों से दैवी सम्पत्ति की याचना है, (१४) अगले सूक्त में 'धी' की प्रार्थना है-

BRAHMAMUNI

Word-Meaning: - (वसिष्ठः) सर्वविषयेषु वसितृतमः (अमृतान् देवान्) जीवन्मुक्तान् विदुषः (ववन्दे) अभिवन्दति (ये विश्वा भुवना-अभि प्रतस्थुः) ये जीवन्मुक्ताः सर्वाणि ज्ञानानि-अधिकारेण प्रतिष्ठन्ति (ते) ते खलु (नः) अस्मभ्यम् (अद्य) अस्मिन् काले जीवने (उरुगायं रासन्ताम्) बहुप्रशंसनीयं ज्ञानं परमात्मज्ञानं प्रयच्छतु (यूयं स्वस्तिभिः-नः सदा पात) हे विद्वांसो ! यूयं कल्याणवचनैरस्मान् सदा रक्षत ॥१५॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - The brilliant sage of the first and highest order adores and celebrates the immortal Vishvedevas who abide in all regions of the world. May they give us universal knowledge and vision of the highest adorable lord divine. O Vishvedevas, pray protect and promote us for all time with all that is good for the total well being of life.