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ग्रावा॑ण॒ उप॑रे॒ष्वा म॑ही॒यन्ते॑ स॒जोष॑सः । वृष्णे॒ दध॑तो॒ वृष्ण्य॑म् ॥
English Transliteration
Mantra Audio
grāvāṇa upareṣv ā mahīyante sajoṣasaḥ | vṛṣṇe dadhato vṛṣṇyam ||
Pad Path
ग्रावा॑णः । उप॑रेषु । आ । म॒ही॒यन्ते॑ । स॒ऽजोष॑सः । वृ॒ष्णे॒ । दध॑तः । वृष्ण्य॑म् ॥ १०.१७५.३
Rigveda » Mandal:10» Sukta:175» Mantra:3
| Ashtak:8» Adhyay:8» Varga:33» Mantra:3
| Mandal:10» Anuvak:12» Mantra:3
BRAHMAMUNI
Word-Meaning: - (ग्रावाणः) विद्वान् लोग (सजोषसः) समानप्रीतियुक्त हुए (वृष्णे) सुखवर्षक राजा के लिए (वृष्ण्यम्) बल को (दधतः) धारण कराते हुए प्रदान कराते हुए (उपरेषु) उपरमणीय पदों पर (आ महीयन्ते) भलीभाँति महिमा को प्राप्त होते हैं ॥३॥
Connotation: - राष्ट्र के विद्वान् परस्पर प्रेम से संगठित होकर राजा को अपना यथायोग्य सहयोग और बल दें, तो ऊँचे अधिकारपदों पर सम्मानित होते हैं,उन्हें ऊँचा सम्मान देना चाहिये ॥३॥
HARISHARAN SIDDHANTALANKAR
मिलकर प्रीतिपूर्वक कार्य करना
Word-Meaning: - [१] (ग्रावाणः) = स्तोता लोग (सजोषसः) = मिलकर प्रीतिपूर्वक कार्यों को करनेवाले होते हुए (उपरेषु) = अपने क्षेत्रों में (आमहीयन्ते) = सब प्रकार से महिमावाले होते हैं । इनके कार्य पवित्र तो होते ही हैं। परस्पर मिलकर प्रेम से किये जाने के कारण अधिक से अधिक हित के साधक होते हैं । [२] (वृष्णे) = उस सुखों के वर्षक प्रभु की प्राप्ति के लिये (वृष्ण्यम्) = शक्ति के देनेवाले इस सोम का (दधतः) = धारण करनेवाले होते हैं। यह सोम का धारण इन्हें शक्तिशाली कार्यों को करने में भी समर्थ करता है ।
Connotation: - भावार्थ-स्तोता लोग मिलकर प्रीतिपूर्वक कार्य करते हैं- परिणामतः अपने क्षेत्रों में महिमा को प्राप्त करते हैं। ये प्रभु प्राप्ति के लिये सोम का धारण करते हैं ।
BRAHMAMUNI
Word-Meaning: - (ग्रावाणः) विद्वांसः (सजोषसः) समानप्रीतियुक्ताः सन्तः (वृष्णे वृष्ण्यं दधतः) सुखवर्षकाय राज्ञे बलं धारयन्तः प्रयच्छन्तः (उपरेषु-आ-महीयन्ते) उपरमणीयपदेषु समन्तान्महत्त्वं प्राप्नुवन्ति ॥३॥
DR. TULSI RAM
Word-Meaning: - Sages and scholars in high positions, while they contribute generously to the power performance of the mighty generous ruler, they rise in honour and esteem among the people around since they love, respect and cooperate with them all.
